Capricorn Yearly Horoscope 2023, Makar Rashifal 2023 In Hindi (मकर वार्षिक राशिफल 2023): मकर राशि का स्वामी शनि होता है। कुम्भ का भी स्वामी शनि होता है। शनि ज्ञान का कारक ग्रह है। विधि में विद्वता प्रदान करता है। इस राशि के जातक अत्यंत विद्वान होते हैं। शनि विद्या तथा आत्मबल प्रदान करता है। वृष,तुला तथा मिथुन राशियां इसकी मित्र राशियां हैं। इस राशि के लोग प्रशासन की उच्च सेवा में होते हैं। इस राशि के लोग शिक्षा में बहुत बड़े पदों को सुशोभित करते हैं। पॉलिटिक्स ,लॉ और टीचिंग की ऊंचाइयों को प्राप्त करते हैं। बहुत अच्छे डाक्टर तथा वकील होते हैं। इस राशि का शुभ रत्न है नीलम।
मकर राशिफल 2023 (Makar Rashifal 2023)
स्वास्थ्य- 2023 स्वास्थ्य की दृष्टि से मिश्रित वर्ष रहेगा। मई के बाद यह वर्ष आपको स्वास्थ्य सुख प्रदान करेगा। आपकी हेल्थ विगत वर्षों की तुलना में बेहतर रहेगी। लीवर तथा मधुमेह संबंधी रोगों सहित हृदय के रोगी सावधानी बरतें। फरवरी तक का समय बहुत बेहतर नहीं है।
नौकरी- राजनीति,शिक्षा तथा प्रशासन से सम्बद्ध लोगों के लिए यह वर्ष 2023 अत्यंत श्रेयष्कर होगा।जाँब में उन्नति होगी। मार्च के बाद का समय बहुत बेहतर है। जून से नवम्बर तक जाँब चेंज या प्रोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। निष्कर्षतः यह वर्ष आपके कैरियर के लिए बहुत ही अच्छा रहेगा। विदेश जाने का संयोग बनेगा। आपका कैरियर इस वर्ष बहुत शानदार रहेगा।
लव लाइफ तथा दाम्पत्य जीवन- फरवरी तथा मई माह में लव लाइफ में थोड़ी दिक्कत रहेगी। 15 फरवरी के बाद यही प्रेम प्रसंग विवाह में बदल सकता है। दाम्पत्य जीवन में 15 जनवरी फिर मई में थोड़ा तनाव रहेगा फिर सब ठीक हो जाएगा। फिर भी लव लाइफ अपनी सफलता तक इस वर्ष 2023 में पहुंचेगी।
आर्थिक स्थिति- इस वर्ष आप खूब चल तथा अचल संपत्ति खरीदेंगे। आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष बहुत बेहतर रहेगा। यह वर्ष धन देगा। पूरे वर्ष आपकी आर्थिक स्थिति बहुत ही शानदार रहेगी। जमीन, मकान या वाहन खरीदने के संयोग बनेंगे। मार्च तक धन का व्यय हो सकता है। इस वर्ष जमीन तथा वाहन क्रय करने का संयोग बनेगा।
शुभ समय-15 फरवरी से मई फिर 17 अक्टूबर 2023 के बाद का समय शानदार है। मई से जून तथा फिर नवम्बर और दिसम्बर का समय आर्थिक दृष्टिकोंण से अच्छा रहेगा।
उपाय- श्री राम तथा श्री कृष्ण उपासना करें। भगवान विष्णु जी को प्रसन्न करें। श्री विष्णु जी की कृपा प्राप्त करें। प्रत्येक गुरुवार व शनिवार को विष्णुसहस्त्रनाम व सुंदरकाड का पाठ करें। प्रतिदिन श्री रामचरितमानस का पाठ करें। प्रत्येक शनिवार को तिल का दान करें तथा गाय को केला खिलाएं। शनि के बीज मंत्र का जप करें। नीले वस्त्र तथा अन्न कम्बल इत्यादि का दान करें। नीलम धारण करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का प्रतिदिन जप करें। शनिवार का व्रत रखें तथा दान पुण्य करें।प्रति शनिवार को हनुमानबाहुक का पाठ करें।
