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भारत से कहां-कहां जाती है चीनी? लिस्ट में UAE समेत ये पड़ोसी भी शामिल

देश में चीनी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से जहां आम जनता और सरकार की चिंता बढ़ गई है, वहीं वैश्विक बाजार में भारतीय चीनी का डंका बज रहा है। जानिए किन-किन देशों में भेजी जाती है भारत की चीनी।

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त्योहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले देश में चीनी की बढ़ती कीमतों ने सरकार और आम उपभोक्ता दोनों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कुछ समय में चीनी के दामों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। चाय, कॉफी से लेकर मिठाइयों, चॉकलेट और जूस तक हर चीज में इस्तेमाल होने वाली चीनी के एक्स-मिल भाव महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में 5,400 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच चुके हैं। घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने और बेलगाम होती कीमतों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार अब 100 प्रतिशत तक लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) को घटाने या हटाने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है।

कितनी निर्यात हुई चीनी?

भले ही घरेलू स्तर पर कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत एक प्रमुख चीनी उत्पादक और निर्यातक देश के रूप में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय चीनी उद्योग ने मार्केटिंग सीजन में 7.75 लाख टन चीनी का सफल निर्यात किया है। इसमें 6.13 लाख टन सफेद चीनी, 1.04 लाख टन रिफाइंड चीनी और लगभग 33 हजार टन कच्ची चीनी शामिल रही, जो वैश्विक खाद्य बाजार में भारत के मजबूत दबदबे को दर्शाती है।

कौन -कौन से देश लेते हैं चीनी?

भारतीय चीनी के सबसे बड़े खरीदारों की बात करें तो अफ्रीकी देश जिबूती इस सूची में सबसे ऊपर है, जिसने भारत से सबसे ज्यादा 1.46 लाख टन चीनी का आयात किया। इसके ठीक बाद सोमालिया का नंबर आता है, जिसने 1.35 लाख टन चीनी खरीदी। वहीं, भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका ने 1.34 लाख टन और अफगानिस्तान ने 0.76 लाख टन भारतीय चीनी का आयात किया। इन मुख्य खरीदारों के अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सूडान, बांग्लादेश, तंजानिया और भूटान जैसे देश भी भारतीय चीनी के बड़े और नियमित आयातकों में शामिल हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में चीनी उद्योग का स्थान बेहद महत्वपूर्ण है। सूती वस्त्र (कपास) के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा कृषि-आधारित उद्योग है। गन्ना और चीनी उद्योग से देश के लगभग 5 करोड़ से अधिक किसान परिवार और 55 से 60 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। भारत में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक चीनी के सबसे बड़े उत्पादक राज्य हैं, जहां से देश के कुल उत्पादन का सबसे बड़ा हिस्सा आता है। भारत दुनिया में चीनी का सबसे बड़ा उपभोक्ता होने के साथ-साथ शीर्ष उत्पादकों में भी शामिल है, जिससे घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय निर्यात के बीच संतुलन बनाए रखना हमेशा एक बड़ी चुनौती होता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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