2023 शिव भक्तों के लिए खास होने वाला है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस साल आपको एक नहीं बल्कि दो सावन महीने मिलने वाले हैं। ज्योतिष की मानें तो 19 साल बाद ऐसा संयोग बनने जा रहा है। इससे पहले ये संयोग साल 2004 में बना था और अब 2042 में ये योग बनेगा। ऐसा अधिक मास के कारण हो रहा है जो हर चौथे साल में पड़ता है। 2023 में पुरुषोत्तम मास यानी अधिक मास सावन महीने में 18 जुलाई से 16 अगस्त तक रहेगा। जिस वजह से सावन महीना 4 जुलाई से लेकर 31 अगस्त तक रहेगा।
Sawan Somvar 2023 Dates
इस साल सावन महीने में 4 नहीं बल्कि 8 सोमवार पड़ेंगे।
सावन का पहला सोमवार- 10 जुलाई
सावन का दूसरा सोमवार- 17 जुलाई
सावन का तीसरा सोमवार- 24 जुलाई
सावन का चौथा सोमवार- 31 जुलाई
सावन का पांचवा सोमवार- 07 अगस्त
सावन का छठा सोमवार- 14 अगस्त
सावन का सातवां सोमवार- 21 अगस्त
सावन का आठवां सोमवार- 28 अगस्त
क्यों पड़ता है अधिक मास: साल 2023 में सावन का महीना 4 जुलाई से 31 अगस्त तक रहेगा। कुल मिलाकर सावन में 59 दिन होंगे। सावन के बीच में अधिक मास लग जाएगा जो 18 जुलाई से 16 अगस्त तक रहेगा। अधिक मास को मलमास भी कहा जाता है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर अधिक मास कैसे लगता है। दरअसल वैदिक पंचांग की गणना सौरमास और चंद्रमास के आधार पर होती है। चंद्रमास में 354 दिन होते हैं जबकि एक सौरमास 365 दिनों का होता है। इस तरह से इन दोनों में 11 दिनों का अंतर आ जाता है। इस अंतर की अधिक मास से पूरा किया जाता है। इसलिए हर तीसरे वर्ष में 33 दिनों का अतिरिक्त एक माह बन जाता है। इस माह को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। सावन महीने में अधिक मास 19 सालों बाद लगने जा रहा है।
अधिक मास में क्या नहीं करना चाहिए? अधिक मास में गृह निर्माण कार्य का आरम्भ, गृह प्रवेश, विवाह, लम्बी यात्रा, मुण्डन कार्य, उपनयन संस्कार और यज्ञ जैसे शुभ काम नहीं करना चाहिए। नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। इस मास में दान, पुण्य, कथा भागवत श्रवण, भगवान शिवजी की पूजा, अति रूद्र याग आदि अनुष्ठान करने का महत्त्व होता है।
