Cancer Horoscope 2023, Kark Rashifal 2023 In Hindi (कर्क वार्षिक राशिफल 2023): कर्क राशि का स्वामी चन्द्रमा होता है। इस राशि के जातक राजनीति में बहुत उच्च पदों को प्राप्त करते हैं। बड़े प्रशासनिक अधिकारी बनते हैं।देश विदेश में उच्च प्रबंधकीय पदों को सुशोभित करते हैं। इस राशि के जातक बहुत सफल व्यवसायी होते हैं। न्यायिक सेवा में बड़े पदों को प्राप्त करते हैं। मेष,सिंह,वृश्चिक,धनु तथा मीन इनकी मित्र राशियां हैं। इस राशि का मुख्य रत्न है मोती।
कर्क राशिफल 2023 (Kark Rashifal 2023)
स्वास्थ्य- मार्च,मई व जुलाई में हेल्थ में थोड़ी प्राब्लम रहेगी। मिथुन संक्रांति के बाद समय अच्छा रहेगा। बी पी तथा श्वांश के रोगी सावधानी बरतेंगे। स्किन तथा कफ सम्बंधित रोग की संभावना है।
कैरियर- इस वर्ष आप अपने जॉब में उन्नति करेंगे। बैंकिंग ,टीचिंग , मीडिया व आईटी से जुड़े लोग लाभान्वित होंगे। 14 मार्च से 16 जुलाई के बीच प्रोमोशन या जाँब चेंज की संभावना है। व्यवसाय में उत्थान है। इस वर्ष जाँब में अप्रैल के बाद विदेश जाने की संभावना रहेगी। कैरियर के हिसाब से यह वर्ष बहुत ही अच्छा रहेगा। आर्थिक प्रगति से प्रसन्न रहेंगे। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
लव लाइफ तथा दाम्पत्य जीवन- लव लाइफ बेहतर रहेगा। इस वर्ष आपका दाम्पत्य जीवन बहुत अच्छा रहेगा। लव लाइफ शानदार रहेगी। मार्च तक जीवन साथी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। लव लाइफ इस वर्ष विवाह के रूप में बदलेगी। 15 अप्रैल से 15 जून तथा फिर नवम्बर का समय युवाओं के लिए प्रेम विवाह का अच्छा समय है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।
आर्थिक स्थिति- इस वर्ष आपकी आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। गृह निर्माण व व्यय की अधिकता रहेगी तथा अप्रैल के बाद स्थिति लाभप्रद रहेगी। 17 अगस्त से सितंबर तक फिर वर्षान्त के बीच कोई मकान या जमीन क्रय कर सकते हैं। इस वर्ष आप धन का बहुत सुंदर निवेश रियल स्टेट व म्यूच्यूअल फंड में करेंगे।
शुभ समय- फरवरी फिर 15 मार्च के बाद का समय बहुत अच्छा है। अगस्त व नवम्बर माह आर्थिक व संतान की प्रगति के लिए बेहतर रहना चाहिए।
उपाय-प्रत्येक सोमवार को व्रत रहें। भगवान शिव की पूजा करते रहें। चन्द्रमा राशि स्वामी है। चन्द्रमा व गुरु के बीज मंत्र का जप करें। हर सोमवार को चावल का दान करें। शुभ मुहूर्त में रुद्राभिषेक करें। महामृत्युंजय मंत्र का नित्य जप करें। माता पिता के शुभ आशीर्वाद प्रतिदिन प्राप्त करते रहें। पूर्णिमा की रात्रि में हवन करें।
