Janmashtami 2027 Date: कान्हा के जन्मोत्सव का इंतजार भक्त पूरे साल करते हैं। कहीं लड्डू गोपाल के लिए नई पोशाक तैयार होती है तो कहीं घर के सबसे सुंदर कोने में उनका छोटा-सा झूला सजाया जाता है। मंदिरों की रौनक भी अलग दिखाई देती है। अगर आप जानना चाहते हैं कि साल 2027 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी तो इसकी पूरी जानकारी आप यहां से ले सकते हैं। 2027 में जन्माष्टमी 25 अगस्त को बुधवार के दिन मनाई जाएगी। हालांकि कई लोगों के मन में 24 और 25 अगस्त को लेकर असमंजस हो सकता है क्योंकि अष्टमी तिथि 24 अगस्त की रात शुरू होगी। हालांकि, पंचांग गणना के अनुसार जन्माष्टमी का मुख्य पर्व बुधवार, 25 अगस्त 2027 को मनाया जाएगा और इसी दिन व्रत रखा जाएगा।
जन्माष्टमी 2027 में कब है
| जन्माष्टमी से जुड़ी जानकारी | तारीख और समय |
|---|---|
| श्रीकृष्ण जन्माष्टमी | बुधवार, 25 अगस्त 2027 |
| अष्टमी तिथि प्रारंभ | 24 अगस्त 2027, रात 8:24 बजे |
| अष्टमी तिथि समाप्त | 25 अगस्त 2027, शाम 7:19 बजे |
| रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ | 25 अगस्त 2027, दोपहर 12:27 बजे |
| रोहिणी नक्षत्र समाप्त | 26 अगस्त 2027, सुबह 11:42 बजे |
| निशिता पूजा मुहूर्त | रात 11:48 से 12:34 बजे तक |
| दही हांडी | गुरुवार, 26 अगस्त 2027 |
नोट: ऊपर दिए गए मुहूर्त, निशिता पूजा, चंद्रोदय और सूर्योदय का समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदल सकता है। स्थानीय समय के लिए अपने शहर का पंचांग जरूर देखें।
24 या 25 अगस्त , जन्माष्टमी 2027 किस तारीख को मनाई जाएगी
2027 में भादो कृष्ण अष्टमी तिथि मंगलवार, 24 अगस्त की रात 8 बजकर 24 मिनट पर शुरू होगी। लेकिन उस समय तक दिन का बड़ा हिस्सा सप्तमी तिथि में बीत चुका होगा। अगले दिन यानी 25 अगस्त को सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि रहेगी। इसी दिन रोहिणी नक्षत्र भी दोपहर से शुरू हो जाएगा। यही वजह है कि जन्माष्टमी का व्रत और मुख्य उत्सव 25 अगस्त 2027 को मनाया जाएगा।
जन्माष्टमी 2027 व्रत का पारण कब होगा
जन्माष्टमी के व्रत का पारण अलग-अलग पारिवारिक और धार्मिक परंपराओं के अनुसार किया जाता है। कई भक्त मध्यरात्रि की पूजा और प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रत खोल लेते हैं। वहीं धर्मशास्त्रीय परंपरा का पालन करने वाले भक्त अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र समाप्त होने की प्रतीक्षा करते हैं।
2027 में रोहिणी नक्षत्र 26 अगस्त को सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगा। इसलिए विस्तृत धर्मशास्त्रीय नियम मानने वाले भक्त इसके बाद पारण कर सकते हैं। जो लोग कठिन उपवास नहीं कर सकते, वे अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित की सलाह के अनुसार 26 अगस्त को सूर्योदय के बाद पूजा करके व्रत खोल सकते हैं।
दही हांडी 2027 कब है
दही हांडी का उत्सव जन्माष्टमी के अगले दिन मनाया जाता है। साल 2027 में दही हांडी गुरुवार, 26 अगस्त को होगी। यह उत्सव भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं, खासकर उनकी माखन चोरी की लीला की याद दिलाता है।
