SARATHI Portal: कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने गुरुवार को 'सारथी' पोर्टल की पेशकश की, जिसका उद्देश्य फसल बीमा योजना पीएमएफबीवाई जैसे बीमा उत्पादों का एक व्यापक ढांचा प्रदान करना है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने और किसानों को अपनी चिंताएं दर्ज कराने में सक्षम बनाने के लिए कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 14447 की भी शुरुआत की गई।
पहले से अधिक किसानों को मिलेगा लाभ
इस मौके पर इन योजनाओं को लागू करने वाले हितधारकों के लिए पीएमएफबीवाई, संशोधित ब्याज सहायता योजना (एमआईआईएस) और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के बारे में एक शिक्षण सामग्री प्रणाली भी शुरू की गई। कृषि मंत्री ने इन पहलों की शुरुआत के बाद कहा कि हमारा मंत्रालय भारत को एक विकसित भारत (विकसित राष्ट्र) में बदलने के लिए मिलकर काम कर रहा है। हम डिजिटल तकनीक को अपनाकर समय के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पहल से निश्चित रूप से किसानों को लाभ होगा।
डिजिटल बीमा
इस कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी और शोभा करणलाडजे, कृषि सचिव मनोज आहूजा और पीएमएफबीवाई के संयुक्त सचिव और सीईओ रितेश चौहान भी उपस्थित थे। पोर्टल 'सारथी' (कृषि और ग्रामीण सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और बीमा के लिए सैंडबॉक्स) का ब्योरा देते हुए चौहान ने कहा कि यह किसानों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाते हुए एक डिजिटल बीमा यात्रा की पेशकश करेगा।
सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म
यह पोर्टल बीमा उत्पादों को देखने, खरीदने और उनका लाभ उठाने के लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म होगा। प्लेटफॉर्म में डिजिटल भुगतान विकल्प और सुव्यवस्थित प्रीमियम संग्रह, सहज दावा आरंभ, ट्रैकिंग और समाधान के अलावा अंशधारकों के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस होंगे। चौहान ने कहा कि पहले चरण में व्यक्तिगत दुर्घटना और अस्पताल नकद पॉलिसी, दूसरे चरण में स्वास्थ्य, दुकान एवं घर का बीमा और तीसरे चरण में ट्रैक्टर, दोपहिया वाहन, पशुधन और गैर-पीएमएफबीवाई बीमा उत्पाद शामिल होंगे।
शिकायत दर्ज करा सकते हैं शिकायत
'कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन' इसके लिए सुविधा प्रदाता के रूप में काम करेगी जो बीमित किसान और बीमा कंपनियों, बैंकरों, सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) और सरकारों के बीच फासले को कम करेगी। चौहान ने कहा कि किसान पोर्टल पर या हेल्पलाइन के माध्यम से बीमा संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, जिन्हें निपटान के लिए बीमा कंपनियों को भेज दिया जाएगा। किसानों की शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र मध्यस्थ होगा।
