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हरियाणा: महिला आयोग की उपाध्यक्ष व ड्राइवर गिरफ्तार, एंटी करप्शन ब्यूरो ने 1 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा

Haryana Women Commission Vice President Arrested: बताया जा रहा है कि हरियाणा महिला आयोग में लंबित शिकायत का निपटारा करने के बदले सोनिया अग्रवाल ने रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने शिकायतकर्ता से अपने ड्राइवर को 1 लाख रुपये देने के लिए कहा था।

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हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष व ड्राइवर रिश्वतर लेते गिरफ्तार

Photo : iStock

Haryana Women Commission Vice President Arrested: हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो ने हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष सोनिया अग्रवाल और उनके ड्राइवर कुलबीर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने सोनिया अग्रवाल के ड्राइवर कुलबीर को रंगे हाथों पकड़ा है। बताया जा रहा है कि हरियाणा महिला आयोग में लंबित शिकायत का निपटारा करने के बदले सोनिया अग्रवाल ने रिश्वत की मांग की थी।

क्या था मामला?

हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह एक जेबीटी टीचर है और उसका विवाह जिला झज्जर के गांव रौद निवासी नीलम से हुई थी। नीलम हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। विवाह के बाद नीलम तथा शिकायतकर्ता के बीच में पारिवारिक विवाद रहने लगा। इसके बाद नीलम ने 25 नवंबर 2024 को हरियाणा महिला आयोग में शिकायतकर्ता के खिलाफ दरखास्त दे दी। दरखास्त देने के बाद हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष सोनिया अग्रवाल द्वारा उसे अलग-अलग तारीखों पर मिलने के लिए बुलाया गया। इस दौरान सोनिया अग्रवाल के ड्राइवर कुलबीर ने शिकायतकर्ता से मामला निपटने के लिए रिश्वत देने की बात कही। सोनिया अग्रवाल ने 12 दिसंबर 2024 को शिकायतकर्ता को मामला निपटाने के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत उसके ड्राइवर कुलबीर को देने के लिए कहा।

ड्राइवर को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए किया गिरफ्तार

मामले के मुताबिक, 14 दिसंबर (शनिवार) को सोनिया अग्रवाल के ड्राइवर कुलबीर ने शिकायतकर्ता को रिश्वत के 1 लाख रुपए देने के लिए कहा। एसीबी की टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए दो अलग-अलग टीम बनाई। एक टीम को खरखोदा भेजा गया जबकि दूसरी टीम को हिसार भेजा गया। एसीबी की टीम ने ड्राइवर कुलबीर को हिसार के जिंदल पार्क के निकट एक लाख रुपए की रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। इस मामले में खरखोदा से सोनिया अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। एसीबी की टीम द्वारा सभी आवश्यक सबूत जुटाते हुए इसकी जांच की जा रही है। यह पूरी कार्रवाई गवाहों के समक्ष पारदर्शिता के साथ की गई। आरोपियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो, रोहतक पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई की गई है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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