अध्यात्म

Kaalsarp Dosh Ke Upay: कालसर्प दोष से तुरंत राहत दिलाएंगे ये छोटे-मोटे उपाय

Kaalsarp Dosh Ke Upay: कुंडली में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के हिसाब से कई शुभ-अशुभ योगों का निर्माण होता है। इन्हीं में से एक अशुभ योग है कालसर्प दोष। जानते हैं कैसे ये योग बनता है और इससे राहत पाने के लिए क्या उपाय कर सकते हैं।

Image

Kaalsarp Dosh Ke Upay

Kaalsarp Dosh Ke Upay (कालसर्प दोष के उपाय): जब कुंडली में सातों ग्रह राहु-केतु से घिर जाते हैं तब अनंत कालसर्प दोष का निर्माण होता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में ये दोष बनता है उसे तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस योग के बनने से आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है और स्वास्थ्य भी कमजोर होने लगता है। इस अशुभ योग के कारण मृत्यु जैसा एहसास होता है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इस दोष से राहत पाने के उपाय बताए गए हैं। चलिए जानते हैं कालसर्प दोष के क्या उपाय हैं।

कालसर्प दोष क्या होता है (Kaalsarp Dosh Meaning)

ज्‍योतिषशास्त्र अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष तब बनता है जब सभी सातों ग्रह राहु और केतु से घिर जाते हैं। सरल शब्दों में समझें तो जब कुंडली में राहु और केतु सातवें भाव में हों और बाकी सभी ग्रहों को इन दोनों ने घेर रखा हो तब ये योग बनता है।

कालसर्प दोष के उपाय (Kaalsarp Dosh Upay In Hindi)

  • कालसर्प दोष से राहत पाने के लिए पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें।
  • नियमित रूप से महामृत्‍युंजय मंत्र का जाप करने से भी इस दोष से राहत मिल सकती है।
  • पीपल के पेड़ की पूजा करें।
  • भगवान को नारियल अर्पित करें।
  • गायत्री मंत्र का निरंतर जाप करें।
  • प्रदोष तिथि या मासिक शिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक पूजा करनी चाहिए।
  • शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए।
  • प्रतिदिन हनुमान चालीसा का कम से कम 11 बार पाठ करना चाहिए।

कालसर्प दोष में क्या सावधानी बरतें (Precautions During Kaalsarp Dosh)

कालसर्प दोष से पीड़ित लोगों को सिगरेट, शराब और तंबाकू आदि से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। भूरे, काले और नीले रंग का उपयोग कम से कम करना चाहिए। इस दोष से पीड़ित लगों को पुरानी चीज़ों का प्रयोग करने से बचना चाहिए। सिर पर हैट भी नहीं पहननी चाहिए। साझेदारी के काम से बचना चाहिए।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article