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सतर्क हो जाइए... गले में फंसा चॉकलेट और आठ साल के बच्चे की हो गई मौत

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 28, 2022, 07:56 AM IST

तेलंगाना में चॉकलेट खाने से एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। चॉकलेट विदेशी था, जिसे उसके पिता ने ऑस्ट्रेलिया से लाया था। चॉकलेट खाते ही बच्चे के गले में यह अटक गया और बच्चा तड़पने लगा। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

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चॉकलेट खाने से बच्चे की मौत (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)

अगर आपका बच्चा भी चॉकलेट खाने का शौकीन है या फिर आप भी अपने बच्चे को तरह-तरह के चॉकलेट लाकर देते हैं तो सतर्क हो जाइए, तेलंगाना में चॉकलेट की वजह से एक बच्चे की मौत हो गई है। चॉकलेट खाते ही वह बच्चे के गले में अटक और बच्चा तड़प-तड़प कर मर गया।

तेलंगाना के वारंगल में शनिवार को चॉकलेट खाने से 8 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। नाबालिग की पहचान संदीप सिंह के रूप में हुई है। संदीप के गले में चॉकलेट फंस गई। इसके बाद उन्हें वारंगल के एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक पीड़ित शारदा हाई स्कूल का छात्र था और दूसरी कक्षा में पढ़ता था।

मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित के पिता ऑस्ट्रेलिया से चॉकलेट लाए थे। जिसे बच्चा स्कूल भी लेकर जाता था। शनिवार को भी वो रोज की तरह स्कूल गया, जहां उसने चॉकलेट खाई। चॉकलेट खाते ही लड़के को सांस लेने में परेशानी होने लगी और वो तड़पने लगा। लाख कोशिशों के बाद भी जब चॉकलेट उसके गले से नहीं निकला तो स्कूल वाले उसे लेकर अस्पताल भागे, लेकिन तबतक देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसका दम घुट गया और उसने दम तोड़ दिया।

इस मामले को लेकर पुलिस ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने उसके माता-पिता को वारंगल के एमजीएम अस्पताल ले जाते समय सूचित किया था। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को मृत लाया गया था। परिवार की ओर से न तो कोई शिकायत दर्ज कराई गई और न ही कोई मामला दर्ज किया गया।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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