फड़नवीस सरकार के कैबिनेट विस्तार में जगह नहीं मिलने से नेताओं का पार्टी से इस्तीफा देने का भी सिलसिला शुरू हो गाय है। मंत्री पद न मिलने से नाराज शिवसेना नेता नरेंद्र भोंडेकर ने इस्तीफा दे दिया है। भोंडेकर ने विधानसभा पार्टी के उपनेता का पद छोड़ा। शिवसेना विदर्भ सहसंयोजक पद से भी भोंडेकर ने इस्तीफा दे दिया है।
रामदास अठावले भी नाराज
इसके अलावा महायुति सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-आठवले (आरपीआई-ए) के प्रमुख रामदास आठवले की नाराजगी सामने आई है। रामदास आठवले ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र कैबिनेट विस्तार में मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह नागपुर में आयोजित किया गया। महायुति का हिस्सा होने के बावजूद मुझे समारोह का निमंत्रण तक नहीं मिला। आरपीआई (ए) ने विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया। हमने देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठकें कीं और उन्होंने हमें कम से कम एक मंत्रालय देने का वादा किया था। लेकिन इस विस्तार में आरपीआई (ए) को जगह नहीं दी गई।
मांगे 2 मंत्रीपद
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी को कम से कम दो मंत्री पद तो देना ही चाहिए था। हमारी पार्टी एक बड़ी पार्टी है। कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। हमारी पार्टी को नजरअंदाज करना सही नहीं है। मेरी पार्टी भी शिरडी और किसी एक जगह से लड़ना चाहती थी। कालीना की जगह दी गई, लेकिन भाजपा ने अपने सिंबल पर दी। लोकसभा में भी हमें जगह नहीं मिली। एक भी सांसद न होने के बाद भी मुझे कैबिनेट पद दिया, इसके लिए मैं पीएम मोदी को धन्यवाद कहता हूं। हमारी मांग राज्य सरकार में दो मंत्री पद की है। हमसे कहा गया कि एमएलसी पद दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
33 कैबिनेट मंत्री ने ली है शपथ
महाराष्ट्र में महायुति सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार रविवार को नागपुर में हुआ, जहां 39 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें 33 को कैबिनेट और छह को राज्य मंत्री बनाया गया है। राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने एक समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
