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Indian Railways: पीले रंग के बोर्ड पर काले रंग से क्यों लिखा होता है रेलवे स्टेशन का नाम? लॉजिक जान होगी हैरानी

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated Feb 18, 2023, 04:48 PM IST

Indian Railways: आपको जानकर हैरानी होगी कि साइन बोर्ड को इस तरह रंगने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है।

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Railway Sign Boards Are Painted In Yellow And Black?

Indian Railways Interesting Facts: रंगों की अपनी अलग ही अहमियत होती है। रंग हमें नियम संयम से लेकर न जाने क्या-क्या सिखा जाते हैं, जैसे सड़क नियम के दौरान के दौरान लगी तीन रंग की लाइटें बिना कहे हमें कितना कुछ कह जाती हैं। भागती दौड़ती सड़क पर रेड लाइट के जलने के दौरान लेन के सभी रोक अचानक रुक जाते हैं। वही सिंगनल पर लगी लाइट जब ग्रीन होती है तो लेन के लोग बिना किसी के कहे रफ्तार भरने लगते हैं। ऐसे ही रेलवे स्टेशन पर लगे पीले रंग के बोर्ड जिस पर काले रंग के अक्षरों से उस जगह का नाम लिखा होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि देश भर के करीब 7 हजार स्टेशनों ( Indian Railways) पर लगे नाम के बोर्ड हमेशा पीले रंग के ही क्यों होते हैं और उन पर काले रंग से ही क्यों लिखा जाता है ? दुनिया में इतने रंग हैं उनका क्यों प्रयोग नहीं किया जाता? अगर आपको नहीं पता तो तक चलिए हम आपको बताते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है।

रेलवे स्टेशन पर इसलिए लगे होते हैं पीले बोर्ड

आपने शायद देखा होगा कि देश के सभी रेलवे स्टेशन के शुरुआत और अंत में एक पीले रंग का बोर्ड लगा होता है जिस पर जगह का नाम काले रंग से लिखा होता है। तो इसके पीछे की वजह ये है कि ये लोको पायलट की सुविधा के लिए होता है, अगर ये बोर्ड अलग-अलग रंग का होगा तो इससे उसे पहचानने में असुविधा होगी। इसके साथ ही एक रंग में इसलिए किया जाता है क्यों कि ये एकरूपता को दिखाता है। ट्रेन चलाते समय लोको पायलट बोर्ड और उस पर लिखे शब्दों को दूर से ही नोटिस कर लेता है और उसके अनुसार लोकोमोटिव की स्पीड को कंट्रोल कर लेता है।

पीला रंग आंखों को चुभता नहीं

इन सबके अलावा पीले रंग का इसलिए यूज किया जाता है क्योंकि ये रंग दूर से ही चमकता है और आखों में चुभाता नहीं है। ट्रेन चला रहे ड्राइवर को दूर से ही समझ आ जाता है कि ये वही प्लेटफॉर्म है जहां उसे रूकना है। वो दूर से ही बोर्ड देखकर आपना डिसीजन ले लेता है। उसे ट्रेन को खड़ा करने की जानकारी मिल जाती है।

पीला रंग आंखों को काफी सुकून भी देता है, ये रंग आंखों को किसी प्रकार से डायवर्ट भी नहीं करता है। जिससे ट्रेन के लोको पायलट को सतर्क रहने में मदद मिलती है। साथ ही पीले रंग के बोर्ड पर काले रंग का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि पीले पर काला रंग एकदम सही से नजर आता है।

आदित्य साहू
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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