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Ajab Gajab: परीक्षा देकर रेलवे का लाइन मैन बना लंगूर, ट्रेनों को सिग्नल दिखाना और ट्रैक चेंज करने का काम

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated Feb 27, 2024, 03:04 PM IST

Ajab Gajab News: केपटाउन के उइटेनहेज रेलवे स्‍टेशन पर यह लंगूर 9 साल तक काम करता रहा। उसे प्रतिदिन के हिसाब से 20 सेंट तथा सप्‍ताह में बीयर की आधी बोतल दी जाती थी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (ट्विटर)

Ajab Gajab News: आज के दौर में युवा सरकारी नौकरी के लिए परेशान रहते हैं। हालांकि, सरकारी नौकरी पाना इतना आसान नहीं है। सरकारी नौकरी पाने के लिए कई सारी परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। युवा कई-कई साल तैयारी करते रहते हैं, इसके बाद भी अधिकतर को सरकारी नौकरी नसीब नहीं होती है। दूसरी तरह आज हम आपको एक ऐसे लंगूर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अनोखा टेस्ट देकर रेलवे में लाइनमैन बना और 9 साल तक सरकारी नौकरी की।

9 साल तक लाइनमैन रहा लंगूर

जैक नाम के एक लंगूर ने रेलवे में 9 साल तक लाइनमैन की नौकरी की और अपने पूरे कार्यकाल में उसने एक भी गलती नहीं की। यहां तक कि अपने पूरे कार्यकाल में उसने कभी कोई छुट्टी भी नहीं ली। जैक दक्षिण अफ्रीका रेलवे में काम करता था और उसे प्रतिदिन के हिसाब से 20 सेंट तथा सप्‍ताह में बीयर की आधी बोतल दी जाती थी। केपटाउन के उइटेनहेज रेलवे स्‍टेशन पर यह लंगूर 9 साल तक काम करता रहा। जैक 1880 के दशक में रेलवे में काम करता था।

दरअसल, जेम्स एडविन वाइड नाम का एक शख्स रेलवे में सिग्नलमैन के रूप में काम करता था। एक हादसे में उसके दोनों पैर कट गए थे। लकड़ी के नकली पैरों से उसे अपने घर से रेलवे स्टेशन तक आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। इसके बाद उसने बाजार से एक लंगूर खरीदा। जैक नाम के इस लंगूर को वह अपने साथ नौकरी पर ले जाने लगा। जेम्स ने लंगूर को ट्रेनिंग देनी शुरू की और कुछ ही दिन में जैक जेम्‍स के साथ रेलवे स्‍टेशन पर सिग्‍नल दिखाने का काम सीख गया। इसके बाद जेम्स की जगह सारा काम जैक ही करता था।

टेस्ट में पास होने पर मिली नौकरी

एक दिन उस रेलवे स्टेशन से एक ट्रेन गुजर रही थी, जिसमें बैठे एक यात्री ने देखा कि लंगूर ट्रैक बदल रहा है। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों से उसने इसकी शिकायत की। अधिकारयों ने जांच में पाया कि लंगूर प्रशिक्षित सिग्‍नलमैन की तरह काम कर रहा है। इसके बाद उन्होंने जैक का टेस्‍ट लिया। टेस्ट में पास होने पर उसे रेलवे में ही नौकरी दे दी गई। जैक गाड़ी को सीटी देने से लेकर हर कुछ बहुत अच्छे से करता था। साल 1881 से लेकर साल 1990 तक जैक रेलवे में सिग्‍नलमैन के तौर पर काम करता रहा। साल 1890 में उसकी टीवी से मौत हो गई।

आदित्य साहू
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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