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भारत में कृषि की जटिलताएँ और यूपीएल-एसएएस की रणनीति
यूपीएल-एसएएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आशीष डोभाल ने पीटीआई-भाषा से विशेष बातचीत में बताया कि भारत में लगभग 40 करोड़ एकड़ क्षेत्र में खेती होती है, जिसमें छोटे जोत वाले किसान शामिल हैं। कंपनी का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सूक्ष्म स्तर पर हल करना है, जिसके लिए वे प्रौद्योगिकी और डेटा विश्लेषण का उपयोग करेंगे।
कृषि में नवोन्मेषण और निवेश
डोभाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और कृषि के बदलते परिदृश्य के बीच, कंपनी भविष्य में किसानों के लिए अधिक टिकाऊ और प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिए नवोन्मेषण पर जोर दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ने पिछले दो वर्षों में कृषि प्रौद्योगिकियों और फसल सुरक्षा में नवोन्मेषण को बढ़ावा देने के लिए 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है।
कृषि में डिजिटल मंच का महत्व
यूपीएल-एसएएस का ध्यान डिजिटल मंच के विकास पर है, जो किसानों को फसल सलाह, बीमा और कृषि उपकरणों के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। यह मंच किसानों से जुड़े रहने का एक प्रभावी तरीका है, जो उनके लिए एक व्यापक समाधान का कार्य करेगा।
नवीनतम कृषि रुझान और भविष्य की दिशा
डोभाल ने कहा कि कृषि क्षेत्र में टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल पद्धतियों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, तकनीकी हस्तक्षेप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से कृषि उत्पादकता को बढ़ाने के लिए कंपनियाँ नवोन्मेषण पर ध्यान दे रही हैं।
भाषा इनपुट के साथ
