Anil Abani Company News: हिंदुजा समूह की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (आईआईएचएल) ने बताया है कि उसे कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल (आर-कैप) का अधिग्रहण अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच साल में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) के कारोबार को तीन गुना बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
रिलायंस कैपिटल का समाधान प्रक्रिया पूरी होने के करीब
आईआईएचएल के चेयरमैन अशोक पी हिंदुजा ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि रिलायंस कैपिटल के समाधान प्रक्रिया से संबंधित अधिकांश स्वीकृतियां और प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। हालांकि, प्रशासक और समिति की ओर से कुछ प्रक्रियाएं अभी बाकी हैं। उनका मानना है कि अगले चार से छह सप्ताह में सभी प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी और जनवरी के अंत तक आर-कैप हिंदुजा समूह के अधीन आ जाएगा।
आईआईएचएल का 2030 तक 50 अरब डॉलर का लक्ष्य
अशोक हिंदुजा ने यह भी कहा कि रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण आईआईएचएल के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। इसके साथ ही, आईआईएचएल का लक्ष्य 2030 तक 50 अरब डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंचने का है। वर्तमान में कंपनी का मूल्यांकन 15 अरब डॉलर (30 सितंबर, 2024 तक) है।
आईआईएचएल की बोली और समाधान योजना
आईआईएचएल ने रिलायंस कैपिटल के समाधान के लिए 9,650 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, जिसमें कंपनी ने 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी किया था। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने आईआईएचएल की समाधान योजना को 27 फरवरी, 2024 को मंजूरी दी थी और इसे 31 जनवरी, 2025 तक पूरा करने की समय सीमा बढ़ाई गई है।
