2001 से 2008 के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे परवेज मुशर्रफ का रविवार को 79 साल की उम्र में दुबई में निधन हो गया। वह लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे। मुशर्रफ के बारे में कहा जाता है कि उनका क्रिकेट से एक अलग तरह का रिश्ता है। उनके शासन काल में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट खूब फला-फूला। उनके शासन काल में भारतीय टीम ने दो बार पाकिस्तान का दौरा किया वह भी दो साल के भीतर जो पहले कभी नहीं हुआ था।
मुशर्रफ की क्रिकेट डिप्लोमेसी
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट पटरी पर आ सके इसके लिए मुशर्रफ ने 2003 में पूर्व पूर्व विदेश सचिव शहरयार खान को पीसीबी का चेयरमैन बनाया, जिन्होंने नई दिल्ली में राजदूत के रूप में काम किया था। कुछ महीने बाद ही शहरयार खान ने उनकी मुराद पूरी कर दी।मुशर्रफ से पहले भारत ने 1999 में पाकिस्तान का दौरा किया था। लेकिन मुशर्रफ के प्रयास से 2004 में एक बार फिर भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर पहुंची।
इस दौरे को सफल बनाने और भारत-पाकिस्तान मैच देखने के लिए उन्होंने भारत के मंत्री और सेलिब्रेटी को भी निमंत्रण भेजा। मुशर्रफ ने इस दौरे पर फोटोशूट का एक भी मौका नहीं छोड़ा और इस दौरान उनका धोनी के हेयर स्टाइल को लेकर वीडियो खूब वायरल हुआ।
टीम इंडिया से की मुलाकात
इस दौरे पर उन्होंने टीम इंडिया के सदस्यों को डिनर के लिए इनवाइट किया, जहां खूब गर्मजोशी से टीम इंडिया का स्वागत किया गया। इस उनकी छवि साफ और उदारवादी नेता के रूप में सामने आई। वह सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े फैन थे।
2006 में टीम इंडिया का पाकिस्तान दौरा
मुशर्रफ के क्रिकेट डिप्लोमेसी की यह सफलता ही थी कि दो साल के भीतर टीम इंडिया दोबारा पाकिस्तान के दौरे पर गई और 3 टेस्ट और 5 वनडे मैच की सीरीज खेली। इस दौरान पाकिस्तान 2005 में टेस्ट सीरीज खेलने भारत गई और फिर टीम इंडिया 2008 में एशिया कप खेलने पाकिस्तान गई।मुशर्रफ के शासन काल से पहले बहुंत अंतराल में भारत-पाकिस्तान के दौरे होते थे। 1954-55 के 18 साल बाद पाकिस्तान की टीम 1979-80 में भारत के दौरे पर गई थी। संयोग से भारत-पाकिस्तान का यह दौरा भी मिलिट्री शासल काल जिया-उल हक के नेतृत्व में हुआ था।
