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'किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है सरकार', किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया आगे का प्लान

Shambhu Border: पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर पर किसानों ने डेरा डाल रखा है, किसानों के इस आंदोलन को 305 दिन पूरे हो चुके हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया है कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए अब तक कोई अपडेट सामने नहीं आया है। इस रिपोर्ट में बताते हैं कि उन्होंने क्या कुछ कहा।

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शंभू बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी

Kisan Andolan: पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू तथा खनौरी सीमा पर जारी किसानों के आंदोलन को 305 दिन पूरे हो चुके हैं। अब तक सरकार से बातचीत को लेकर कोई अपडेट नहीं आया है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के बैनर तले किसान 13 फरवरी से शंभू और खनौरी में डेरा डाले हुए हैं। इस बीच किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने आंदोलन को लेकर अपडेट दिया है।

गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं मंत्री- किसान नेता

शंभू बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन के बीच किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि 'दिल्ली आंदोलन 2.0 को शुरू हुए 305 दिन हो चुके हैं और अमर अनशन को सतरह दिन हो चुके हैं। मंत्री गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। हमें सरकार की बातचीत की मंशा के बारे में कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। सरकार किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है, मैं सभी से विरोध में शामिल होने की अपील करता हूं।'

किसान नेता का आमरण अनशन 17वें दिन भी जारी

पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का खनौरी सीमा पर आमरण अनशन आज 17वें दिन भी जारी है। डल्लेवाल फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी सहित किसानों की मांगों को स्वीकार करने के वास्ते केंद्र पर दबाव बनाने के लिए अनशन पर हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने एक बयान में कहा कि डल्लेवाल का वजन 12 किलो से अधिक कम हो गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।

प्रदर्शनकारी किसानों ने डल्लेवाल को प्रदर्शन स्थल से हटाने से अधिकारियों को रोकने के लिए उनके चारों ओर सुरक्षा घेरा बना दिया है। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने डल्लेवाल के समर्थन में लोगों से बृहस्पतिवार को रात्रि भोज न करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से 13 दिसंबर को भाजपा नीत केंद्र सरकार का पुतला फूकंने की भी अपील की। इस बीच, तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने डल्लेवाल के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र से किसानों के साथ बातचीत शुरू करने को कहा।

मंत्री ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की इच्छा दोहराई

उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, “डल्लेवाल जी किसानों की वास्तविक मांगों के समर्थन में पिछले दो सप्ताह से भूख हड़ताल पर हैं। मुझे पता चला है कि उनका स्वास्थ्य दिन-प्रतिदिन बिगड़ रहा है। हम इसे लेकर चिंतित हैं। डल्लेवाल एक वरिष्ठ नेता हैं और उनका जीवन हमारे लिए महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि केंद्र को पंजाब सरकार के माध्यम से किसानों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी जायज मांगों को स्वीकार करना चाहिए। इस बीच, किसानों के विरोध पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने की इच्छा दोहराई।

पटियाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, ‘‘बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। मैं किसानों से हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि वे चर्चा के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हमेशा पंजाब के किसानों की चिंता रही है और उन्होंने पहले ही एमएसपी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी लागू कर दी है।’’ बिट्टू ने डल्लेवाल के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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