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'X' की डीपी में तिरंगा लगाने पर हटा CM योगी व शिवराज समेत कई हस्तियों का ब्लू टिक, जानें क्या है कारण

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 14, 2023, 03:02 PM IST

Twitter X DP Change: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिवराज सिंह चौहान व हिमंता बिस्वा सरमा समेत कई हस्तियों के अकाउंट से ब्लू टिक हट गया है। ऐसा तब हुआ है जब इन लोगों ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपने ट्विटर अकाउंट की डीपी हटाकर उस पर तिरंगा डीपी लगाई थी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्विटर अकाउंट से हटा ब्लू टिक

Twitter X DP Change: माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर (अब X) बीते कई महीनों से अपने ब्लू टिक को लेकर चर्चा में है। एलन मस्क के अधिग्रहण के बाद ब्लू टिक वैरिफिकेशन को पेड कर दिया गया है। अब सिर्फ उन्हीं यूजर्स के अकाउंट पर ब्लू टिक है, जो इसकी पेड सर्विस ले रहे हैं। हालांकि, स्वतंत्रता दिवस से पहले इस माइक्रो ब्लॉकिंग साइट पर एक अजीब चीज देखने को मिली है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान व हिमंता बिस्वा सरमा समेत कई हस्तियों के अकाउंट से ब्लू टिक हट गया है। ऐसा तब हुआ है जब इन लोगों ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपने ट्विटर अकाउंट की डीपी हटाकर उस पर तिरंगा डीपी लगाई थी, जिसके बाद सभी के अकाउंट से ब्लू टिक गायब हो गया है। जिन लोगों के खाते से ब्लू टिक हटा है, उसमें पुष्कर सिंह धामी, मनोहर लाल खट्टर व गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी शामिल हैं।

डीपी बदलने के बाद आ रही ऐसी शिकायत

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अगस्त को एक अपील की थी। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान के तहत सभी से अपने-अपने घरों पर तिरंगा लगाने की अपील देशवासियों से की थी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग अपने ट्विटर हैंडल पर भी तिरंगा डीपी लगा रहे हैं। हालांकि, वैरिफाइड अकाउंट पर डीपी बदलने के बाद उनका ब्लू टिक भी गायब हो रहा है। बता दें, पीएम मोदी की अपील के बाद बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की डीपी में बदलाव किया था।

जानिए क्यों हट रहा ब्लू टिक

ट्विटर X ने अपने नियमों में कई बदलाव किए हैं। नए नियम के तहत जब भी वैरिफाइड अकाउंट अपनी डीपी बदलेंगे, उनका ब्लू टिक हट जाएगा। कंपनी की ओर से कहा गया है कि जिन लोगों के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटा है, उन्हें जल्द ही उनका ब्लू टिक वापस कर दिया गया जाएगा। जिन लोगों को ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटा है, उसमें BCCI का ट्विटर अकाउंट भी शामिल है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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