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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नितिन गडकरी ने दिया अपडेट, 'अगले 20 दिनों में होगा उद्घाटन'

Nitin Gadkari: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि राष्ट्रीय राजधानी में पड़ने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के दो हिस्सों का उद्घाटन अगले 15-20 दिनों में किया जाएगा, साथ ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक और हिस्से का भी जल्द ही उद्घाटन होने की संभावना है। आपको बताते हैं, उन्होंने क्या कुछ कहा।

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नितिन गडकरी।

Delhi-Dehradun Expressway: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ा बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि अगले 15-20 दिनों में इसके दो हिस्सों का उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने ये भी बताया कि आज के समय में 36 ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण चल रहा है। यह कई शहरों के बीच की दूरियों को काफी कम कर देगा। इन सबके निर्माण हो जाने के बाद दिल्ली से कटरा की यात्रा 6 घंटे में कवर हो जाएगी।

कब होगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन?

नितिन गडकरी ने टाइम्स नाउ नवभारत के मंच से कहा कि "हमने प्रधानमंत्री को अक्षरधाम की तरफ से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पहले दो पैकेजों का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया है। हम अगले तीन महीनों में पूरे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। एक्सप्रेसवे से लोग सिर्फ 2-2.5 घंटे में देहरादून पहुंच सकेंगे।"

15-20 दिन में उद्घाटन, पीएम मोदी को दिया निमंत्रण

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि दिल्ली, देहरादून, उसके दो पैकेज पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि 'अक्षरधाम से पूरा एलिवेटेड रोड है और उसका उद्घाटन 15-20 दिन में पीएम साहब को निमंत्रित किया है, उनके द्वारा किया जाएगा। एक कालिंदी कुंज वाला 10,000 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट है, जो फरीदाबाद के पीछे से रहे, मुझे दिल्ली का थोड़ा नाम कम मालूम है, वो बड़ा सुन्दर नाले में एलिवेटेड रोड बनाकर एक पिलर पर दो-दो रोड करके उसको लाया, वो भी सुन्दर है वो भी पीएम साहब 12 दिन 20 दिन में पूरा करेंगे और ये जो देहरादून है वो तीन महीने में होना चाहिए, इसकी कोशिश है। तो दिल्ली से देहरादून 2 घंटे में होगा, फिर एक मुंबई दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे को एक हमने एक बीच में रोड बनाया, वो पूरा हुआ, डेढ़ दो महीने में तो दिल्ली जयपुर 2 घंटे में होगा और दिल्ली से अमृतसर 4 घंटे में, कटरा 6 घंटे में, श्रीनगर 8 घंटे में दिल्ली से मनाली 7-8 घंटे में और दिल्ली से मुंबई 12 घंटे में, बैंगलोर से चेन्नई 2 घंटे में और अभी मेरठ तो दिल्ली हो गया, 4 घंटे का 45-50 मिनट में फिर मैसूर से बैंगलोर हो गया। ऐसे हम 36 ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे बना रहे हैं।'

मंत्री ने कहा कि सरकार 36 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और राजमार्ग बना रही है और सड़क नेटवर्क का विस्तार कर रही है, ताकि अगले दो वर्षों में लॉजिस्टिक्स लागत को घटाकर सिंगल डिजिट पर लाया जा सके, जिससे भारत का निर्यात 1.5 गुना बढ़ जाएगा और यह अधिक प्रतिस्पर्धी बन जाएगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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