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किसानों की आज दिल्ली कूच करने की तैयारी, अंबाला के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवा हुई बंद

Farmers Delhi March : किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि किसानों का यह प्रदर्शन 307वें दिन में प्रवेश कर गया है। किसानों का तीसरा जत्था जिसमें 101 किसान शामिल हैं, वे आज दोपहर दिल्ली की तरफ रवाना होंगे।

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अंबाला में इंटरनेट सेवा बाधित।

Farmers Delhi March : पंजाब के किसानों का दिल्ली मार्च देखते हुए अंबाला के कई गांवों में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है। इंटरनेट पर यह रोक 14 तारीख से 17 दिसंबर तक रहेगी। हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर किसानों का अपनी मांगों को लेकर धरना जारी है। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि किसानों का यह प्रदर्शन 307वें दिन में प्रवेश कर गया है। किसानों का तीसरा जत्था जिसमें 101 किसान शामिल हैं, वे आज दोपहर दिल्ली की तरफ रवाना होंगे।

पंढेर ने लोगों से समर्थन करने की अपील की

पंढेर ने कहा कि किसानों के इस प्रदर्शन का पूरे देश का समर्थन है लेकिन प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री इसके बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं। वे इस प्रदर्शन से दूरी बना रहे हैं। सरकारी एजेंसियां चाहती हैं कि किसानों का यह मोर्चा अपने आंदोलन में सफल न हो। वह सभी से किसानों के इस प्रदर्शन का समर्थन करने की अपील करते हैं।

डल्लेवाल से मिले राकेश टिकैत

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) नेता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से खनौरी सीमा पर मुलाकात की जिनका आमरण अनशन 18वें दिन में प्रवेश कर गया है। उन्होंने ‘संयुक्त लड़ाई’ के लिए किसान समूहों से एकजुट होने का आह्वान किया।

टिकैत के साथ एसकेएम नेता हरिंदर सिंह लाखोवाल भी थे। सवालों का जवाब देते हुए टिकैत ने कहा, ‘डल्लेवाल जी हमारे बड़े नेता हैं और हम उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं, पूरे देश के किसान चिंतित हैं।’ टिकैत भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता भी हैं।

हम उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित-टिकैत

उन्होंने कहा, ‘हम उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं...सरकार को संज्ञान लेना चाहिए...ऐसा नहीं लगता कि डल्लेवाल अपना आमरण अनशन वापस लेंगे जब तक कि सरकार उनसे बातचीत नहीं करती और उनकी मांगें पूरी नहीं करती।’ यह पूछे जाने पर कि क्या सभी संगठनों (जिन्होंने अब निरस्त किए गए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान एसकेएम का गठन किया था) को किसानों के अधिकारों की लड़ाई प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए हाथ नहीं मिलाना चाहिए, टिकैत ने कहा, ‘हमने एक समिति बनाई है जो समूहों के साथ संवाद करेगी।’

'किसान संगठनों को सरकार ने विभाजित किया'

टिकैत ने कहा कि केंद्र को किसानों की ताकत दिखानी होगी और इसके लिए दिल्ली को पिछले आंदोलन की तरह सीमाओं पर नहीं बल्कि केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे) से राष्ट्रीय राजधानी को घेरना होगा।उन्होंने कहा, "जब दिल्ली को घेरा जाएगा तो यह केएमपी से होगा। यह कब और कैसे होगा, यह हम देखेंगे।" एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि केंद्र की नीति है कि उसके एजेंडे के अनुरूप किसान संगठनों को विभाजित किया

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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