देश

लोकसभा में 'संविधान पर चर्चा' का आखिरी दिन आज, पीएम मोदी देंगे जवाब

Discussion on Constitution: लोकसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा का आज दूसरा और आखिरी दिन है। इस मौके पर पीएम मोदी आज अपनी राय रखेंगे। प्रधानमंत्री लोकसभा में जवाब देंगे।

Image

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

PM Modi Speech: संसद के शीतकालीन सत्र का शनिवार को 15वां दिन है। लोकसभा में संविधान पर चर्चा हो रही है, जिसका आज दूसरा और आखिरी दिन है। देश में संविधान के 75 साल पूरे होने पर लोकसभा में शुक्रवार से दो दिन की चर्चा शुरू हुई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इस पर अपनी राय रखेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संविधान पर बहस की शुरुआत की।

पीएम मोदी आज लोकसभा में देंगे जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार को लोकसभा में 'संविधान पर चर्चा' में अपनी राय रखेंगे। एक दिन पहले ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा सरकार पर तीखा प्रहार किया और कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद प्रधानमंत्री यह समझ नहीं पाए हैं कि संविधान ‘संघ का विधान’ नहीं है। प्रियंका गांधी ने लोकसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा में भाग लेते हुए सरकार पर भय फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि यदि लोकसभा चुनाव के नतीजे इस तरह के नहीं होते तो यह सरकार संविधान बदलने का काम करती। वायनाड से लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद सदन में उनका यह पहला भाषण था।

उन्होंने कहा, ‘‘संविधान में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय का वादा है। यह वादा एक सुरक्षा कवच है, जिसे तोड़ने का काम शुरू हो चुका है।’’ प्रियंका ने दावा किया, ‘‘यह सरकार ‘लेटरल एंट्री’ और निजीकरण के जरिये आरक्षण को कमजोर करने का काम कर रही है। अगर लोकसभा चुनाव में ये नतीजे नहीं आए होते तो यह संविधान बदलने का काम करती।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘आज सत्तापक्ष बार-बार संविधान इसलिए कह रहा है, क्योंकि इस चुनाव में हारते-हारते जीतने के बाद उन्हें पता चल गया कि देश की जनता ही संविधान को सुरक्षित रखेगी और संविधान बदलने की बात इस देश में नहीं चलेगी।’’ प्रियंका गांधी का कहना था कि आज जातिगत जनगणना का जिक्र सत्तापक्ष कर रहा है, क्योंकि इस तरह के नतीजे आए। कांग्रेस सांसद का इशारा इस ओर था कि कुछ महीने पहले संपन्न लोकसभा चुनाव में भाजपा बहुमत से दूर रह गई और कांग्रेस की सीट की संख्या 100 के करीब पहुंच गई।

संविधान पर बहस की राजनाथ सिंह ने की शुरुआत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में संविधान पर बहस की शुरुआत की। यह बहस संविधान को अपनाए जाने की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है। इस दौरान रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक विशेष पार्टी द्वारा संविधान निर्माण के काम को हमेशा हाईजैक करने की कोशिश की गई है। मैं आज यह स्पष्ट करना चाहता हूं, कि हमारा संविधान किसी एक पार्टी की देन नहीं है। भारत का संविधान भारत के लोगों द्वारा, भारत के मूल्यों के अनुरूप बनाया गया दस्तावेज है।

भाजपा और कांग्रेस ने अपने सभी सदस्यों को 13-14 दिसंबर को सदन में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया।

शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर को खत्म होने की उम्मीद

25 नवंबर से शुरू हुआ संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर को खत्म होने की उम्मीद है। अब तक इस सत्र में सोरोस के साथ कांग्रेस के संबंध समेत कई मुद्दों पर हंगामा हुआ है। इस सत्र के दौरान संविधान पर बहस विपक्ष की प्रमुख मांग रही है। बहस का मुख्य ध्यान 26 नवंबर, 1949 को संविधान को अपनाने के बाद से इसके महत्व और विकास पर है।

भारतीय संविधान सभा ने औपचारिक रूप से संविधान को 26 जनवरी, 1950 को लागू किया, जिसके साथ ही भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ। भारत सरकार ने 2015 में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। तब से, हर साल इस दिन संविधान को अपनाने का जश्न मनाया जाता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article