Petrol Pump Strike in Rajsthan: राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को दस दिन के लिए स्थगित कर दी। राज्य सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने के लिए एक उच्चाधिकार समिति गठित की है। पेट्रोल डीजल पर वैट की दरें पड़ोसी राज्य पंजाब के समान करने की मांग को लेकर एसोसिएशन ने शुक्रवार सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी।
राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मीडिया से कहा, हड़ताल वापस ले ली गई है। राज्य सरकार ने एसोसिएशन की मांगों पर विचार करने के लिए अधिकार प्राप्त समिति गठित की है। यह राज्य और लोगों के हित में 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
इसके साथ ही पेट्रोल डीजल की उंची कीमतों को लेकर उन्होंने केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल है, जबकि संप्रग सरकार में जब कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल थी तब भी पेट्रोल और डीजल की कीमत कम हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि केंद्र ने ईंधन पर विशेष और अतिरिक्त उत्पाद शुल्क एवं उपकर लगाया है और अपना खजाना भर रहा है जबकि राज्यों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
इसलिए की थी हड़ताल
पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) में कटौती की मांग को लेकर निजी स्वामित्व वाले और संचालित पंपों को छोड़कर पूरे राजस्थान में पेट्रोल पंपों ने आज सुबह 6 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इसे लेकर लोग भारी परेशाना की सामना कर रहे हैं और पेट्रोल के लिए भटक रहे हैं। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (आरपीडीवाईए) ने पड़ोसी राज्यों की तुलना में ईंधन पर राज्य के उच्च वैट का हवाला देते हुए हड़ताल का आह्वान किया है। राजस्थान में पेट्रोल और डीजल पर देश में सबसे अधिक वैट 31.04% और 19.30% है।
पड़ोसी हरियाणा में कम वैट
इसकी तुलना में हरियाणा में पेट्रोल पर 18.20% और डीजल पर 16% वैट है, जबकि पंजाब और गुजरात में ईंधन पर सबसे कम वैट 13.77% और 9.92% है। राजस्थान में पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि अधिक वैट के कारण राजस्व में घाटा हो रहा है, क्योंकि लोग राजस्थान आने से पहले पड़ोसी राज्यों में अपने टैंक भरवा रहे हैं। उनका यह भी तर्क है कि उच्च वैट से उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ रहा है।
15 सितंबर से हड़ताल
एसोसिएशन ने राजस्थान सरकार से पंजाब की तरह पेट्रोल और डीजल पर वैट बराबर करने की मांग करते हुए बुधवार और गुरुवार को प्रतीकात्मक हड़ताल की थी। आरपीडीए के बयान में कहा गया, एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार शाम को हुई। इसमें एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से 15 सितंबर को सुबह छह बजे से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का फैसला किया है।
राजस्थान के गंगानगर में पेट्रोल की कीमत 112 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत 97.58 रुपये प्रति लीटर है। राजस्थान में कुल 6,712 पेट्रोल पंप हैं। आरपीडीवाईए ने राजस्थान सरकार से पड़ोसी राज्यों के बराबर पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने की अपील की है। आरपीडीवाईए ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार मांग नहीं मानती है तो अनिश्चित काल तक हड़ताल जारी रखेगी।
