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OpenAI बहुत जल्द हो सकती है दिवालिया, ChatGPT पर डेली खर्च हो रहे 5.8 करोड़ रु

OpenAI May Bankrupt: ओपनएआई के लिए अपनी एआई सर्विसेज में से केवल एक चैटजीबीटी को मैंटेन रखने का ऑपरेशनल खर्च लगभग 700,000 डॉलर (5.80 करोड़ रुपये) प्रति दिन है।

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ओपनएआई दिवालिया हो सकती है

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • ओपनएआई हो सकती है दिवालिया
  • चैटजीबीटी को मैंटेन रखने पर भारी खर्च
  • डेली खर्च हो रहे 5.8 करोड़ रु

OpenAI May Bankrupt: ओपनएआई (OpenAI), जो कि प्रमुख एआई स्टूडियो है और नॉन-टेक्निकल बैंकग्राउंड लोगों को रोजमर्रा के कामों में एआई का यूज करने में मदद करने को लेकर फोकस में रही है, को कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

अपने एआई चैटबॉट, चैटजीपीटी (ChatGPT) के जरिए जनरेटिव एआई में एक प्रमुख यूनिट के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश में, सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व वाली एआई डेवलपमेंट स्टूडियो चैटजीपीटी संभावित वित्तीय संकट के कगार पर है।

डेली खर्च हो रहे 5.8 करोड़ रु

एनालिटिक्स इंडिया मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार ओपनएआई के लिए अपनी एआई सर्विसेज में से केवल एक चैटजीबीटी को मैंटेन रखने का ऑपरेशनल खर्च लगभग 700,000 डॉलर (5.80 करोड़ रुपये) प्रति दिन है।

नतीजतन तेजी से ओपनएआई के फाइनेंशियल रिसॉर्सेज कम हो रहे हैं। जीपीटी-3.5 और जीपीटी-4 को मोनेटाइज करने के प्रयासों के बावजूद, कंपनी को अभी तक वो रेवेन्यू लेवल हासिल नहीं हुआ है जो इसकी लागत को कवर करता हो।

शुरुआत रही थी दमदार

हालाँकि ओपनएआई और चैटजीपीटी ने शुरुआत में यूजर्स के रिकॉर्ड-तोड़ इनफ्लो के साथ एक मजबूत लॉन्च का आनंद लिया था, लेकिन हाल के महीनों में इसके यूजर्स की संख्या में धीरे-धीरे गिरावट देखी गयी है। सिमिलरवेब डेटा के अनुसार, जुलाई 2023 में जून की तुलना में इसके यूजर्स बेस में 12 प्रतिशत की कमी देखी गई, जो 1.7 अरब यूजर्स से घटकर 1.5 यूजर्स रह गया।

यह डेटा विशेष रूप से चैटजीपीटी वेबसाइट पर आने वाले यूजर्स से जुड़ा है और ओपनएआई के एपीआई को नियोजित करने वाले यूजर्स इसमें शामिल नहीं है।

कितने रेवेन्यू की थी उम्मीद

ओपनएआई ने 2023 में 20 करोड़ डॉलर यानी करीब 1660 करोड़ रु का सालाना रेवेन्यू का अनुमान लगाया है। वहीं इसे 2024 में करीब 8200 करोड़ रु के रेवेन्यू की उम्मीद थी। मगर मौजूदा हालातों के मद्देनजर इसका रेवेन्यू इस लेवल पहुंचना बहुत मुश्किल है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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