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Viral Video: हर सुबह बच्चों के जूते साफ करता है यह शिक्षक, वजह जानकर आप भी करेंगे सलाम

सोशल मीडिया पर तंजानिया के एक शिक्षक का दिल छू लेने वाला वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह दृष्टिबाधित बच्चों के जूते साफ कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाते नजर आ रहे हैं।

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तंजानिया के इस शिक्षक का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। (X/@ZeroContext_Vds)

दुनिया में ऐसे कई शिक्षक हैं जो सिर्फ किताबों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि अपने व्यवहार से भी बच्चों की जिंदगी बदल देते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसे ही शिक्षक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग उनकी खूब तारीफ कर रहे हैं। इस वीडियो (Video) को सोशल साइट एक्स पर @ZeroContext_Vds नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसे अब तक हजारों लोगों ने देखा और लाइक किया है।

हर सुबह बच्चों के जूते साफ करता है यह शिक्षक

वीडियो (Video) के कैप्शन में बताया गया है कि यह वीडियो तंजानिया के एक स्कूल का है, जहां एक शिक्षक अपने छात्रों का स्वागत बेहद खास अंदाज में करते हैं। इस शिक्षक का नाम वाकती जोसेफ कलोंडा है। वह तंजानिया के बुईगिरी स्कूल फॉर द ब्लाइंड में पढ़ाते हैं। इस स्कूल में पढ़ने वाले कई बच्चे दृष्टिबाधित हैं। हर सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचते हैं तो शिक्षक सबसे पहले उनके जूते साफ करते हैं। इसके बाद वह बच्चों से प्यार से बात करते हैं और उनका हौसला बढ़ाते हैं।

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सिर्फ पढ़ाई नहीं, बच्चों को आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं गुरुजी

वायरल वीडियो (Viral Video) में देखा जा सकता है कि बच्चे धूल भरे रास्तों से चलकर स्कूल पहुंचते हैं। जैसे ही वे स्कूल के गेट पर आते हैं, शिक्षक झुककर कपड़े से उनके जूते साफ करते हैं। इसके साथ ही वह बच्चों से कहते हैं, "तुम बहुत अच्छे हो, तुम सब कुछ कर सकते हो, तुम विजेता हो।" शिक्षक की ये बातें सुनकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और उनका कॉन्फिडेंस भी बढ़ जाता है।

वीडियो देख लोगों ने की टीचर की जमकर तारीफ

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हुआ, लाखों लोगों ने इसे देखा। हजारों यूजर्स ने शिक्षक की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया को ऐसे ही शिक्षकों की जरूरत है। कई लोगों ने लिखा कि असली शिक्षक वही होता है, जो बच्चों को सिर्फ पढ़ाए नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा भी दे। वहीं, कुछ अन्य लोगों ने कहा कि यह सिर्फ जूते साफ करने की बात नहीं है। यह बच्चों को सम्मान देने और उन्हें यह एहसास दिलाने का तरीका है कि वे किसी से कम नहीं हैं। खास जरूरतों वाले बच्चों के लिए ऐसे शब्द और ऐसा व्यवहार उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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