पुणे के प्रॉपर्टी डीलर केतन अग्रवाल की हत्या कथित तौर पर उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी ने जून में उन्हें एक पहाड़ी से नीचे धकेलकर कर दी थी। केतन के पिता ने अब इस हत्या की साजिश में सिया के परिवार वालों के भी शामिल होने का शक जताया है।उन्होंने आरोपियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की है।
विशाल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने इस मामले में दायर चार्जशीट की कॉपी पाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का नोटिफिकेशन जारी करने की भी मांग की है।
उन्होंने सोमवार को PTI वीडियो से कहा, 'मैंने अभी तक चार्जशीट नहीं देखी है। इसे पढ़ने के बाद ही मैं कोई टिप्पणी कर पाऊंगा। हमने इसकी कॉपी के लिए कोर्ट में अर्ज़ी दी है।'अग्रवाल ने हत्या की साजिश में सिया गोयल के परिवार के अन्य सदस्यों के भी शामिल होने का शक जताया।
TIMES NOW Navbharat पर यह भी पढ़ें: केतन अग्रवाल मर्डर केस: CCTV...कॉल रिकॉर्ड और 85 गवाहों के बयान; 5053 पन्नों की चार्जशीट में क्या-क्या?
'... तो उसके परिवार ने उसकी शादी उनके बेटे से कराने की कोशिश क्यों की'
उन्होंने कहा, 'मुझे अभी भी शक है कि केतन की हत्या की साजिश में सिया के पिता, मां, भाई, चाचा और चाची शामिल हैं। चार्जशीट पढ़ने के बाद ही मैं इस पर कुछ कह पाऊंगा।'उन खबरों का ज़िक्र करते हुए कि सिया ने सह-आरोपी चेतन चौधरी से गुपचुप शादी कर ली थी, अग्रवाल ने सवाल उठाया कि अगर ये खबरें सच हैं, तो उसके परिवार ने उसकी शादी उनके बेटे से कराने की कोशिश क्यों की।
उन्होंने कहा कि हत्या के मामले की जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर फास्ट-ट्रैक ट्रायल और निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने की मांग की थी।उन्होंने कहा, 'अब तक मुझे इन दोनों मांगों पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। मैं सरकार से एक बार फिर ज़रूरी नोटिफिकेशन जारी करने का अनुरोध करूंगा।'
उनके बेटे की हत्या के ज़िम्मेदार लोगों को मौत की सजा दी जाए
उन्होंने फिर से कहा कि उनकी एकमात्र मांग यही है कि उनके बेटे की हत्या के जिम्मेदार लोगों को मौत की सजा दी जाए। पुणे ग्रामीण पुलिस ने शनिवार को सिया गोयल, चेतन चौधरी और उसके दोस्त रितेश हांगे के खिलाफ 5,000 से ज़्यादा पन्नों की एक बड़ी चार्जशीट दायर की। 18 जून को लोहगढ़ किले से नीचे धकेले जाने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी, जिसके बाद गोयल, चौधरी और हांगे को गिरफ्तार कर लिया गया था।
