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खाकी वाले गुरुजी! जब ड्यूटी के बीच बच्चे को पढ़ाने लगे कोलकाता पुलिस के सार्जेंट, तस्वीर ने जीता लोगों का दिल

Viral Photo: कोलकाता पुलिस के ट्रैफिक सार्जेंट प्रकाश घोष बालीगंज ITI के पास ड्यूटी के दौरान सड़क पर रहने वाले एक 8 साल के मासूम को रोजाना पढ़ाते हैं। उनकी यह तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

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दिल जीतने वाला नजारा (तस्वीर साभार- @BanCheneProduct)

Viral Photo: सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी तस्वीरें और कहानियां सामने आती हैं, जो इंसानियत और फर्ज की मिसाल पेश करती हैं। इन दिनों कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) के एक ट्रैफिक सार्जेंट की तस्वीर इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने हजारों-लाखों लोगों का दिल छू लिया है। सफेद वर्दी, आंखों पर चश्मा और हाथ में स्टिक... अमूमन पुलिस ऑफिसर की यह छवि गाड़ियों की रफ्तार और नियम तोड़ने वालों को नियंत्रित करते हुए दिखती है। लेकिन बालीगंज ITI के पास तैनात कोलकाता पुलिस के सार्जेंट प्रकाश घोष ने इस छवि से आगे बढ़कर एक मिसाल कायम की है।

    दरअसल, सार्जेंट प्रकाश घोष बालीगंज ITI इलाके में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। वहां उन्होंने देखा कि करीब 8 साल का बच्चा दिनभर सड़क और फुटपाथ के आसपास खेलता रहता है। पूछताछ और छानबीन करने पर पता चला कि उस बच्चे की मां पास ही एक सड़क किनारे ढाबे पर दिन-रात मेहनत करती है। मां-बेटे के पास सिर छिपाने के लिए कोई पक्का मकान नहीं है और वे फुटपाथ पर ही जीवन गुजारते हैं। इसके बावजूद, मां का केवल एक ही सपना है कि चाहे कितनी भी गरीबी हो, उसका बेटा पढ़ाई करे और बड़ा होकर अपनी तकदीर खुद बदले। बच्चे और उसकी मां की इस लगन ने सार्जेंट प्रकाश घोष का दिल पिघला दिया। उन्होंने तय किया कि वे इस बच्चे के भविष्य को संवारने में अपनी तरफ से हरसंभव मदद करेंगे। इसके बाद शुरू हुआ एक अनोखा सिलसिला। जब भी सार्जेंट घोष की ड्यूटी उस इलाके में लगती, वे ट्रैफिक संभालने के बीच-बीच में समय निकालकर उस बच्चे को पढ़ाना शुरू कर देते। इतना ही नहीं, कई बार अपनी शिफ्ट खत्म होने के बाद भी वे वहीं रुककर बच्चे को ट्यूशन देते हैं। वे बाकायदा बच्चे को रोजाना होमवर्क देते हैं और अगले दिन उसकी कॉपियां चेक करते हैं। देखें फोटो...

    दिल जीतने वाला नजारा

    वायरल हो रही इस तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि सार्जेंट प्रकाश घोष अपनी बाइक के पास खड़े होकर पूरी तन्मयता से जमीन पर बैठे बच्चे की कॉपी देख रहे हैं। बच्चा भी बड़े ध्यान से अपनी पढ़ाई में जुटा हुआ है। बच्चे की मां का कहना है कि जब से प्रकाश घोष के रूप में उनके बेटे को यह 'खाकी वाले गुरुजी' मिले हैं, तब से बच्चे की पढ़ाई और व्यवहार में काफी सुधार आया है। कोलकाता पुलिस ने खुद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस भावुक कर देने वाली कहानी और तस्वीर को शेयर किया है। यूजर्स सार्जेंट प्रकाश घोष के इस निस्वार्थ प्रयास की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कोई उन्हें 'असली हीरो' कह रहा है, तो कोई कह रहा है कि वर्दी के पीछे छुपा इंसानियत का यह रूप वाकई सलाम करने योग्य है। तो इस तस्वीर पर आपकी क्या राय है जरूर बताए।

    Kaushlendra Pathak
    कौशलेंद्र पाठकauthor

    कौशलेंद्र पाठक टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कार्यरत हैं। मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उनका सफर ग्राउंड रिपोर्टिंग से डिजिटल डेस्क तक फैला, जहां उन्होंने कंटेंट की विविध शैलियों को नजदीक से समझा। अजब-गजब, अनोखी, सोशल और ट्रेंडिंग कंटेंट पर उनकी गहरी पकड़ और तेज न्यूज सेंस ने उन्हें डिजिटल दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कौशलेंद्र का ध्यान हमेशा ऐसे कंटेंट पर रहता है जो रीडर्स को नई, दिलचस्प और अनजानी कहानियों से रूबरू कराए—हर बार कुछ अलग, कुछ नया।

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