देश

AIMIM नेता वारिस पठान के बिगड़े बोल; गाय को लेकर दिया विवादित बयान, UCC पर भी BJP को घेरा

वारिस पठान ने समान नागरिक संहिता यानी UCC पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें समानता की बात की जाती है, लेकिन कुछ राज्यों में जनजातीय समुदायों को इससे बाहर रखा गया है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 28 से जोड़ते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

Image

वारिस पठान के बिगड़े बोल

अजमेर में AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने UCC, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। इसी दौरान गाय को लेकर उन्होंने विवादित टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि भारत के अलग-अलग राज्यों में गाय को लेकर अलग-अलग नियम और नजरिया है।

वारिस पठान ने कहा, "भारत में इतने राज्य हैं कि कहीं गाय मम्मी है और गोवा राज्य है वहां गाय यम्मी है। वहां के मंत्री ने कहा था कि अगर कम पड़ जाएगा तो हम इंपोर्ट करेंगे।" इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का जिक्र करते हुए कहा कि जब अलग-अलग राज्यों में खान-पान को लेकर अलग-अलग परिस्थितियां हैं तो सभी को एक ही दायरे में कैसे रखा जा सकता है।

पठान ने यह बयान अजमेर में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। वह अजमेर दरगाह पहुंचे थे। उनका यह दौरा राजस्थान में AIMIM के नगर निकाय चुनावों में मिली सफलता के बाद हुआ। पार्टी के दो पार्षद निर्वाचित हुए हैं।

UCC को लेकर भी साधा निशाना

वारिस पठान ने समान नागरिक संहिता यानी UCC पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें समानता की बात की जाती है, लेकिन कुछ राज्यों में जनजातीय समुदायों को इससे बाहर रखा गया है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 28 से जोड़ते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का असर खासतौर पर मुस्लिम समुदाय पर पड़ रहा है। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप और बयान हैं।

राजस्थान के बाद यूपी पर नजर

अजमेर दौरे के दौरान पठान ने राजस्थान में पार्टी के विस्तार की बात भी कही। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पार्टी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है और अब उत्तर प्रदेश पर फोकस है। AIMIM ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव में कुछ सीटों पर जीत दर्ज की है।

मेलोनी के बुर्का प्रस्ताव पर भी दिया था बयान

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी द्वारा स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध के प्रस्ताव के बाद भी वारिस पठान ने उनकी आलोचना की थी। मेलोनी ने 20 सितंबर को स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध के साथ विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने और कुछ प्रवासी अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखने की व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों की घोषणा की थी।

इसी मुद्दे पर पठान ने मेलोनी पर महिलाओं के पहनावे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उनकी नीतियों की तुलना भारत में मुस्लिमों को लेकर भाजपा सरकार के रुख से की। यह बयान भी उनके राजनीतिक विरोध के संदर्भ में था।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

और पढ़ें
End of Article