Viral Video: कुदरत का कहर जब टूटता है, तो इंसान का सबकुछ छीन लेता है। असम में हर साल आने वाली विनाशकारी बाढ़ (Flood Video) सिर्फ लोगों के आशियाने ही नहीं बहा ले जाती, बल्कि उनकी रातों की नींद और चैन भी छीन लेती है। चारों तरफ फैला पानी, घुटने तक जमा कीचड़ और गीली जमीन पर सोने को मजबूर मासूम बच्चे और लाचार बुजुर्ग... लेकिन इस भयानक तबाही के बीच कभी-कभी इंसानियत का ऐसा रूप देखने को मिलता है, जो बिखरी हुई उम्मीदों को फिर से समेट लेता है।
नजारा देख भावुक हुए लोग
बाढ़ के कारण लोगों के घरों में पानी भर चुका था और फर्श पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुका था। छोटे-छोटे बच्चे, बीमार बुजुर्ग और महिलाएं तिरपाल के नीचे गीली और बदबूदार जमीन पर सोने को मजबूर थीं। जब हुसैन मंसूरी इन झोपड़ियों में पहुंचे, तो उन्होंने खुद अपने हाथों से कीचड़ साफ किया, बेड असेंबल किए, उन पर चटाई और गद्दे बिछाए। वीडियो का सबसे भावुक कर देने वाला पल वह है, जब एक बांस और प्लास्टिक की झोपड़ी में रहने वाली बुजुर्ग महिला और उनका परिवार इस मदद को देखकर भावुक हो जाता है। सूखे बेड पर बैठने के बाद जब परिवार ने हाथ जोड़कर हुसैन मंसूरी का शुक्रिया अदा किया, तो हुसैन जी ने बेहद सादगी के साथ उनके आगे हाथ जोड़े और बुजुर्ग महिला के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। आलम ये है कि इस वीडियो को देखकर लोग काफी भावुक हो रहे हैं और हुसैन मंसूरी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
