Kumbh Rashi Rashifal October 2023 (Aquarius October Horoscope 2023) Kumbh Rashi 2023 October Rashifal Kaisa Rahega in Hindi: कुम्भ राशि का स्वामी शनि होता है। इस राशि के जातक प्रबंधकीय सेवा में उच्च पदों की प्राप्ति करते हैं। उच्च प्रशासनिक सेवाओं में होते हैं। राजनीति में उच्च पदों को प्राप्त करते हैं। न्यायिक सेवाओं में जाते हैं। मकर का भी स्वामी शनि है। वृष, तुला, मकर इसकी मित्र राशियां हैं। कन्या व मिथुन का स्वामी बुध इसका मित्र राशि है। इस राशि के लोग राजनीतिक पार्टी के प्रवक्ता तथा बहुत अच्छे कथावाचक भी होते हैं। यहां जानिए कुंभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा अक्टूबर महीना।
कुंभ राशि स्वास्थ्य राशिफल अक्टूबर 2023
हेल्थ में थोड़ी प्रॉब्लम रहेगी। 15 अक्टूबर के बाद स्वास्थ्य सुख बेहतर हो जाएगा। स्किन व लीवर प्राब्लम की संभावना रहेगी। जिनको गले में दिक्कत रहती है तथा जिनको स्किन की समस्या है वो लोग सावधानी बरतेंगे।
कुंभ राशि करियर राशिफल अक्टूबर 2023
इस माह 13 से 25 अक्टूबर के मध्य आप जॉब में उन्नति करेंगे। जॉब के ही सिलसिले में विदेश जाने का सुअवसर प्राप्त होगा। 15 से 26 अक्टूबर के मध्य पदोन्नति या जॉब चेंज के अवसर मिलेंगे।
कुंभ राशि लव राशिफल अक्टूबर 2023
इस वर्ष 15 अक्टूबर के बाद युवाओं को प्रेम में सफलता मिलेगी। विवाह के मार्ग प्रशस्त होंगे। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। विवाह को लेकर परिवार में विवाद हो सकता है। जीवन साथी के स्वास्थ्य के प्रति भी सावधान रहना होगा।
कुंभ राशि आर्थिक राशिफल अक्टूबर 2023
11 अक्टूबर तक थोड़ी परेशानी रहेगी। 16 अक्टूबर के बाद धन प्राप्ति के सुखद संयोग बनेंगे। वाहन खरीद सकते हैं। स्वर्ण तथा हीरे के आभूषण भी लेंगे। धन का व्यय होता रहेगा। इस माह धन तो आएगा लेकिन व्यय भी ज्यादा होगा। धन का व्यय अच्छे कार्यों में होगा।
कुंभ राशि अक्टूबर 2023 शुभ समय
15 से 28 अक्टूबर तक का समय बहुत बेहतर है।
कुंभ राशि अक्टूबर 2023 उपाय
प्रतिदिन श्री विष्णुसहस्त्रनाम व श्री सूक्त का पाठ कीजिये। प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी को प्रसाद अर्पित कीजिये। प्रत्येक बुधवार व शनिवार गाय को पालक या हरा चारा खिलाएं। मूंग व तिल का दान कीजिए। गरीबों में वस्त्र का वितरण कीजिये। बुध व शनि के बीज मंत्र के साथ साथ शुक्र के बीज मंत्र का जप कीजिये। जो लोग बीमार रहते हैं या किसी रोग से पीड़ित हैं वो कुशोदक से शुभ मुहूर्त में रुद्राभिषेक कराएं। पीपल को जल देते रहें।
