नागोया: भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक पर अपना दबदबा बरकरार रखा जबकि सावन बरवाल के ऐतिहासिक रजत पदक ने शनिवार को उतार-चढ़ाव भरे भारतीय एथलेटिक्स अभियान में सबसे खास उपलब्धि दर्ज की। इस बीच निशानेबाजों का प्रदर्शन हालांकि एक बार फिर मिला-जुला रहा। दिन की अन्य बड़ी उपलब्धि स्क्वॉश में मिली, जहां अनाहत सिंह और अभय सिंह ने अपने-अपने फाइनल में जगह बनाकर खुद को स्वर्ण पदक की दौड़ में कदम रखा। इसके साथ ही दोनों के पास 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन हासिल करने का मौका भी है।
सेमीफाइनल में पहुंची पुरुष हॉकी टीम
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जापान को अपने अंतिम से पहले पूल मुकाबले में 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
तेजिंदरपाल सिंह तूर ने जीता रजत
एथलेटिक्स में भारत की पदक उम्मीदों को दो प्रमुख खिलाड़ियों की चोट से बड़ा झटका लगा। बाधा दौड़ की धाविका ज्योति याराजी और त्रिकूद खिलाड़ी प्रवीण चित्रावेल पुरानी चोटें उभरने के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके। दो बार के गत चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर का पुरुषों की गोला फेंक स्पर्धा में रजत पदक भी भारत के लिए अपेक्षाकृत निराशाजनक रहा। उन्होंने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 20.64 मीटर का थ्रो किया, लेकिन यह उनके 21.77 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी दूर रहा।
अंकतालिका में 10वें पायदान पर पहुंचा भारत
महिला 400 मीटर में प्राची चौधरी ने कांस्य पदक जीतकर ट्रैक एवं फील्ड से भारत की पदक तालिका में एक और पदक जोड़ा। पुरुष 400 मीटर और महिला 1500 मीटर में हालांकि भारतीय खिलाड़ी शीर्ष तीन में जगह नहीं बना सके। शनिवार के मुकाबलों के बाद भारत की कुल पदक संख्या 30 हो गई, जिसमें चार स्वर्ण, 12 रजत और 14 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में 10वें पायदान पर पहुंच गया है।
मैराथन में 44 साल बाद मिला पदक
भारत के लिए दिन की शुरुआत बरवाल के पदक से हुई। उन्होंने अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोडते हुए अप्रत्याशित रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा 44 साल बाद भारत का पहला पदक है । एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए । दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था। सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42.195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे।
कबड्डी में दबदबा रहा कायम, जीते गोल्ड
इसके बाद कबड्डी में भारत के दबदबे की एक बार फिर पुष्टि हुई। पुरुष और महिला दोनों वर्गों के फाइनल में ईरान ने भारतीय टीमों को कड़ी चुनौती दी। पुरुष टीम ने जोरदार वापसी करते हुए ईरान को 40-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीता जबकि महिला टीम ने कुछ तनावपूर्ण क्षणों के बाद 37-34 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम का एशियाई खेलों में यह कुल नौवां स्वर्ण पदक है जबकि महिला टीम ने चौथी बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में मिला रजत
निशानेबाजी में आशी चौकसी, तिलोत्तमा सेन और विदर्सा विनोद ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारतीय टीम ने कुल 1763 अंक जुटाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन ने 1773 अंक जुटाकर इन खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कजाखस्तान 1754 अंक के साथ कांस्य पदक पर कब्जा किया। तिलोत्तमा और विदर्सा व्यक्तिगत फाइनल के लिए भी क्वालीफाई किया, लेकिन पदक जीतने से चूक गईं। तिलोत्तमा चौथे और विदर्सा पांचवें स्थान पर रहीं।
स्क्वॉश फाइनल में पहुंची अनाहत और अभय सिंह
स्क्वॉश में युवा सनसनी अनाहत सिंह ने महिला एकल में जापान की विश्व में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया वहीं अभय सिंह भी पुरुष एकल के खिताबी मुकाबले में पहुंचने में सफल रहे। भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी अनाहत ने सेमीफाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी कर 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से जीत दर्ज की। इसके बाद अभय ने पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान को 3-0 (11-3 12-10 11-6) से हराकर पुरुष एकल के फाइनल में प्रवेश किया।
मिश्रित युगल में जोशना चिनप्पा और सेंथिलकुमार ने जीता
इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी। दोनों खिलाड़ी अगर फाइनल जीतने में सफल रहते हैं तो वे स्वर्ण पदक के साथ 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी पक्का कर लेंगे। स्क्वॉश इन खेलों में पहली बार ओलंपिक कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा।
तीरंदाजों ने की शानदार शुरुआत
एशियाई खेलों की तीरंदाजी स्पर्धा में भारत ने शानदार शुरुआत की। धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुष रिकर्व और चीकिता तनीपार्थी ने महिला कंपाउंड की व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने कंपाउंड मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन में भी पहला स्थान हासिल किया। हाल में ऐतिहासिक विश्व कप फाइनल जीतने वाले धीरज ने सुबह 698 अंक का शानदार प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन ने एशियाई खेलों की क्वालीफिकेशन स्पर्धा का नया रिकॉर्ड बनाने के साथ भारत को पुरुष रिकर्व टीम और रिकर्व मिश्रित टीम की वरीयता में दूसरे स्थान पर पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई। महिला कंपाउंड क्वालीफिकेशन में चीकिता ने 705 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया और भारत को महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा की वरीयता में दूसरे स्थान पर पहुंचाया। वहीं, पुरुष कंपाउंड टीम तीसरे स्थान पर रही। इसमें साहिल जाधव का व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में पांचवां स्थान भारत के लिए अहम रहा।
बैडमिंटन क्वार्टर फाइनल में पहुंची उन्नति हुड्डा
युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति हुड्डा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दो मुकाबले जीतकर महिला एकल के क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया लेकिन लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी का अभियान समाप्त हो गया। उन्नति ने तीसरे दौर में जगह बनाने के लिए मलेशिया की लिंग चिंग वोंग को 21-14, 20-22, 21-19 से हराया। इसके बाद हरियाणा की 19 वर्षीय खिलाड़ी ने दुनिया की छठे नंबर की इंडोनेशियाई खिलाड़ी पुत्री कुसुमा वारदानी को 21-19, 21-13 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। क्वार्टरफाइनल में उनका सामना जापान की अकाने यामागुची से होगा।
महिला युगल में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने भी क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। भारतीय जोड़ी ने जापान की दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी मायू मात्सुमोतो और युकी फुकुशिमा को 24-22, 21-18 से हराया। यह एक सप्ताह के भीतर जापानी जोड़ी पर उनकी लगातार दूसरी जीत है।
टेबल टेनिस और अन्य स्पर्धाओं में रहा ऐसा हाल
मानुष शाह और यशस्विनी घोरपड़े को पुरुष और महिला एकल के प्री-क्वार्टरफाइनल में हार का सामना करना पड़ा जिससे एशियाई खेलों में भारत का टेबल टेनिस अभियान समाप्त हो गया। भारतीय पैडलरों ने इन खेलों में केवल एक पदक हासिल किया। मानुष शाह और दिया चितले ने शुक्रवार को मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता था। भारत ई-स्पोर्ट्स, तलवारबाजी और कैनोइंग में भी खास प्रभाव नहीं छोड़ सका।
