देश

48 घंटे में छह हत्याओं से दहला मणिपुर; आज दो लोगों को सोते समय उग्रवादियों ने मार दी गोली, इस महीने में 13 मारे गए

मणिपुर में सितंबर के दौरान तमाम जिलों में अलग-अलग गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक तामेंगलोंग, कांगपोकपी, नोनी और कामजोंग जिलों में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा किए गए अलग-अलग हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है।

Image

Representative Image (File photo)

Photo : PTI

मणिपुर में एक बार फिर उग्रवादियों द्वारा दो नगा नागरिकों को गोली मारे जाने की घटना सामने आई है। यहां सेनापति जिले में शनिवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। उग्रवादियों के इस हमले में दो अन्य लोग घायल भी हुए हैं। ये घटना दोपहर करीब तीन बजे नागा बहुल जिले के कलाजन गांव में हुई।

शुरुआत में अधिकारियों ने घटना को कांगपोकपी जिले के कालेनजांग गांव का बताया था, लेकिन बाद में जब विस्तृत रिपोर्ट आई तो पता चला कि ये घटना सेनापति जिले के कलाजन गांव की है। हमले में मरने वालो की पहचान रॉकी माओ और कुमार पोउमई के रूप में हुई है। वहीं, 33 वर्षीय अदानी मैनियो और 49 वर्षीय आशिहो सानी गोली लगने से घायल हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए सेनापति जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सेनापति जिला अस्पताल भेजा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया ‘कायराना हिंसा’

इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे ‘कायराना हिंसा’ करार दिया। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी हत्याओं की निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि इस साल राज्य में 60 से अधिक हत्याएं हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि रॉकी और कुमार अपने-अपने गांवों के निवासी थे और कथित तौर पर सशस्त्र उग्रवादी उनके घरों में घुसे और सोते समय उन्हें गोली मार दी। बीरेन सिंह ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि लोगों की मौत का सिलसिला कब तक जारी रहेगा और जिम्मेदार लोगों को कब जवाबदेह ठहराया जाएगा।

आर्थिक नाकेबंदी हटाने के फैसले से करीब एक घंटे पहले हमला

यह घटना उस समय हुई जब यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) ने राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों पर करीब चार महीने से जारी आर्थिक नाकेबंदी को निलंबित करने का फैसला घोषित किया था। घोषणा और गोलीबारी की घटना के बीच करीब एक घंटे का अंतर बताया गया है। इससे पहले 24 सितंबर की रात कांगपोकपी जिले से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र के पास कामजोंग जिले के पिलोंग गांव में चार तांगखुल नागा नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले के पीछे भी म्यांमार से आए संदिग्ध उग्रवादियों का हाथ होने का आरोप लगाया गया था।

सितंबर में कई जिलों में हिंसा

मणिपुर में सितंबर के दौरान तमाम जिलों में अलग-अलग गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक तामेंगलोंग, कांगपोकपी, नोनी और कामजोंग जिलों में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा किए गए अलग-अलग हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है।
Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

और पढ़ें
End of Article