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दिल्ली: 'पहले आसिफ आया...मैं रोती रही, मेरे अंडरगारमेंट नहीं दिए'; उस दिन पार्क में क्या क्या हुआ, लड़की ने सब बताया

Delhi Aastha Kunj Park Incident: दिल्ली के आस्था कुंज पार्क गैंगरेप मामले में पीड़िता ने पुलिस और अदालत के सामने खौफनाक दास्तान बयां की है। जन्मदिन पर मंदिर गई नाबालिग से बंदूक और चाकू की नोक पर दरिंदगी की गई।

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दिल्ली: 'पहले आसिफ आया...मैं रोती रही, मेरे अंडरगारमेंट नहीं दिए'; उस दिन पार्क में क्या क्या हुआ, लड़की ने सब बताया

Kalkaji Gangrape Victim Statement: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पीड़िता के बयान ने पूरे देश की रूह कपा दी है। पुलिस और अदालत के समक्ष दर्ज कराए गए अपने बयान में पीड़िता ने उस खौफनाक रात की एक-एक वारदात की रोंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती सुनाई है।

जन्मदिन के दिन भगवान के दर्शन करने निकली मासूम के साथ खुद को पुलिसकर्मी बताकर आए तीन दरिंदों ने बंदूक और चाकू की नोक पर इस वारदात को अंजाम दिया।

'जन्मदिन पर मंदिर गई थी, फिर पार्क में बेंच पर बैठे'

लड़की ने अपने बयान में बताया कि घटना वाले दिन उसका जन्मदिन था। उसने बताया, 'मैं कालकाजी मंदिर में पूजा करने जाना चाहती थी, इसलिए मैंने अपने दोस्त से मुझे वहां ले चलने के लिए कहा। मेरी मां खाना बनाने का काम करती हैं और वह अपने काम पर गई थीं। इसलिए मैंने अपनी बड़ी बहन को बताया कि मैं अपने दोस्त के साथ मंदिर जा रही हूं।' 'मैं शाम करीब 5 बजे घर से ऑटो लेकर निकली। करीब 5:45 बजे हम कालकाजी मंदिर पहुंच गए। शाम करीब 7 बजे तक हम मंदिर में रहे। इसके बाद मंदिर से बाहर आ गए। कालकाजी मेट्रो स्टेशन के बाहर से हमने चिप्स और पानी की बोतल खरीदी। इसके बाद हम गेट नंबर-7 से पार्क के अंदर चले गए।'

'मैं इस्कॉन मंदिर में भी पूजा करना चाहती थी। मैंने अपने दोस्त से कहा कि पहले कुछ देर पार्क में बैठकर चिप्स खा लेते हैं, उसके बाद मंदिर चलेंगे। जैसे ही हम पार्क में जाकर एक बेंच पर बैठे और चिप्स का पैकेट खोला, तभी करीब 30 से 35 साल की उम्र के तीन लड़के वहां आए। उन्होंने मेरे दोस्त को पकड़ लिया और उसे थप्पड़ मारा।'

'खुद को पुलिसकर्मी बताया, मेरे दोस्त समीर को दूसरी तरफ ले गया'

लड़की ने आगे बताया, 'जब हमने उनसे पूछा कि वे कौन हैं, तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया और पूछा कि हम यहां क्यों आए हैं। उन्होंने कहा कि यहां आना मना है। इसके बाद एक लड़का मेरे दोस्त समीर को दूसरी तरफ ले गया। उन्होंने हमारे मोबाइल फोन भी ले लिए।' 'इसके बाद दो लड़कों ने झाड़ियों की तरफ इशारा करके मुझे वहां चलने के लिए कहा। मैं डर गई और मैंने उनसे कहा कि जो भी पूछना है, यहीं पूछिए और मेरी मां से बात कर लीजिए।' 'तभी एक लड़के ने कहा, 'आसिफ भाई, गन निकाल।' जिस लड़के को आसिफ कहकर बुलाया गया, उसने बैंगनी रंग की शर्ट पहन रखी थी और वह तीनों में सबसे ज्यादा मजबूत शरीर वाला था। आसिफ ने काले रंग की बंदूक निकाली और कुछ देर बाद उसे वापस अपनी जेब में रख लिया।'

'आसिफ ने कंडोम लगाया, मेरे साथ जबरदस्ती की'

लड़की ने बताया, 'इसके बाद दोनों लड़कों ने चाकू निकाल लिए और मुझे एक सुनसान और अंधेरी जगह पर ले गए। आसिफ ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे लाल रंग की बेंच पर लिटा दिया। इसके बाद उसने दूसरे लड़के से कहा, 'हेमू, इधर नजर रखना, कोई इस तरफ न आए।' 'आसिफ ने कंडोम लगाया और मेरी गर्दन पर चाकू रखकर मेरे साथ जबरदस्ती की। मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैं रो रही थी। इसके बाद आसिफ ने इस्तेमाल किया हुआ कंडोम बेंच के पास फेंक दिया और हेमू से कहा, 'हेमू, तुम आओ, मैं दीपु के पास जा रहा हूं।'

इसके बाद हेमू मुझे पास की दूसरी बेंच पर ले गया। उसने भी मेरी गर्दन पर चाकू रखा और मेरे साथ जबरदस्ती की। इसके बाद तीसरा लड़का, जिसे दोनों दीपु नाम से बुला रहे थे, वहां आया। उसने भी मेरी गर्दन पर चाकू रखा और मेरे साथ जबरदस्ती की। इसके बाद उसने बेंच के पास मिट्टी पर वीर्य निकाल दिया।

'मेरी ब्रा वापस नहीं की'

इसके बाद उन लोगों ने मुझे जल्दी से कपड़े पहनने के लिए कहा। उसने मुझे अपनी टी-शर्ट और जींस दी, लेकिन मेरी ब्रा वापस नहीं की। मैंने कपड़े पहने। इसके बाद वे समीर को भी वापस लेकर आए। उन्होंने हमें हमारे मोबाइल फोन वापस कर दिए और धमकी दी कि जल्दी यहां से चले जाओ, वरना वे हमें मार देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में किसी को कुछ मत बताना। इसके बाद वे हमें पार्क से बाहर ले गए। मैंने समीर को अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद समीर ने पीसीआर को फोन किया। कुछ देर बाद पुलिस हमारे पास पहुंची

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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