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जब मूछों से पता चला असली शव! नाम और उम्र था एक समान, बस फिर क्या... शवों की हो गई अदला-बदली

  • Agency by: Agency
  • Updated Sep 29, 2022, 07:15 PM IST

देश में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। कई बार अस्पताल की गलती से तो कभी परिजनों की गलती से शवों की अदला बदली की खबरें आती रहती हैं। कोरोना के समय भी ऐसी घटनाएं सामने आईं थीं। अब मुंबई में शवों की अदला-बदली की घटना सामने आई है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • महाराष्ट्र में हुई है शवों की अदला-बदली
  • अस्पताल प्रशासन ने गड़बड़ी से किया इंकार
  • परिजन जब पहुंचे अस्पताल तो सामने आई सच्चाई

मुंबई: महाराष्ट्र के रायगढ़ में एक विचित्र मामला सामने आया है। यहां लगभग समान नाम और समान उम्र की वजह से दो शवों की अदला-बदली हो गई। अगर मूछों से मामला पकड़ में नहीं आता तो दोनों के परिवार गलत शवों का अंतिम संस्कार भी कर देते।

मिली जानकारी के अनुसार अलीबाग तहसील के पेजरी गांव निवासी रमाकांत पाटिल (62) की एमजीएम अस्पताल में रक्तचाप और मधुमेह के कारण मौत हो गई थी। इसी अस्पताल में पनवेल तहसील के दहीवली गांव के राम पाटिल (66) की किडनी और लीवर की समस्या के कारण मौत हो गई थी।जिसके बाद जब इन शवों को इनके परिजनों को सौंपा गया तो शवों की अदला-बदली हो गई। अब गलती किसकी थी, ये साबित नहीं हो पाया है। परिवार, अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगा और अस्पताल इन आरोपों से पल्ला झाड़ ले रहा है।

परिजनों शवों को लेकर चले भी गए। अंतिम संस्कार की तैयारियां हो रही थी, तभी एक रिश्तेदार की नजर रमाकांत पाटिल के मूंछें पर गईं। उसे कुछ अंतर दिखा, शंका जाहिर की जिसके बाद मृतक के परिजनों को मामले को पता चला। इसके बाद अस्पताल से संपर्क किया गया तो उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इंकार कर दिया।

एक रिश्तेदार ने कहा- "अंतिम संस्कार से ठीक पहले रमाकांत पाटिल के रिश्तेदारों ने महसूस किया कि शरीर की मूंछें अलग थीं। अस्पताल से संपर्क किया गया था, लेकिन वहां के कर्मचारियों ने किसी भी गड़बड़ी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।"

उधर अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे दूसरे मृतक राम पाटिल के परिजनों को भी लगा कि कुछ गड़बड़ है। उसने भी अस्पताल को फोन किया लेकिन इन्हें भी ऐसी किसी भी गड़बड़ी से इंकार कर दिया गया।

इसके बाद दोनों के परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां सारी सच्चाई सामने आ गई। जिसके बाद सही शवों को लोगों ने बदल कर लिया और उनका अंतिम संस्कार किया।

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