Earthquake In India: मंगलवार देर रात नेपाल से लेकर दिल्ली, यूपी समेत देश के 6 राज्यों में भूकंप (Earthquake) के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Centre for Seismology ) के अनुसार, नेपाल में भूकंप 9 नवंबर को रात 1 बजकर 57 मिनट पर आया। एपीसेंटर नेपाल के मणिपुर में जमीन से 10 किमी नीचे था। नेपाल में भूकंप की तीव्रता 6.3 तीव्रता थी। नेपाल के दोती जिले में में घर गिरने से 6 लोगों की मौत हुई है। जहां तक भारत की बात है तो किसी जान-माल के नुकसान की खबर नही है।
हिमालय, हिन्दूकुश पर्वत श्रृंखलाओं के कारण भारत हमेशा से भंकूप के हाई रिस्क जोन में होता है। देश का करीब 59 फीसदी इलाका ऐसा है, जहां भूंकप का खतरा रहता है। यही कारण है कि भारत में कम तीव्रता से लेकर ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप आते रहे हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार अकेले अक्टूबर 2022 में देश भर में 54 भूकंप आए ।
38 शहरों पर सबसे ज्यादा खतरा
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश में 38 शहर ऐसे हैं, जो सबसे ज्यादा रिस्क वाले क्षेत्र हैं। ये शहर भूकंप के जोन-5 (Zone V), और जोन-4 (Zone IV) क्षेत्र में आते हैं। यानी देश में जब भी भूकंप आएगा, इन शहरों पर सबसे ज्यादा खतरा होगा। असल में भारत को भूकंप के जोखिम के अनुसार, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने देश को 2 से 5 जोन में बांटा हुआ है। इसमें से जोन-5 में 11 फीसदी क्षेत्र आते हैं। जबकि जोन-4 में 18 फीसदी क्षेत्र आते हैं। जबिक जोन-2 और जोन-3 में 30 फीसदी इलाका आता है। जोन-2 और जोन-3 में सबसे कम रिस्क रहता है।
| क्रम संख्या | जोन-5 के शहर | जोन-4 के शहर |
| 1 | भुज (गुजरात) | अल्मोड़ा (उत्तराखंड) |
| 2 | दरभंगा (बिहार) | अमृतसर (पंजाब) |
| 3 | गुवाहाटी (असम) | बहराईच (यूपी) |
| 4 | इंफाल (मणिपुर) | बरौनी (बिहार) |
| 5 | तेजपुर (असम) | बुलंदशहर (यूपी) |
| 6 | श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर) | चंडीगढ़ |
| 7 | शादिया (असम) | दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) |
| 8 | पोर्ट ब्लेयर (अंडमान और निकोबार) | देहरादून (उत्तराखंड) |
| 9 | मंडी (हिमाचल प्रदेेश) | देवरिया (यूपी) |
| 10 | कोहिमा (नगालैंड) | गोरखपुर (यूपी) |
| 11 | जोरहट (असम) | दिल्ली |
| 12 | - | दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) |
| 13 | - | गाजियाबाद (यूपी) |
| 14 | - | गंगटोक (सिक्किम) |
| 15 | - | जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) |
| 16 | - | कूच बिहार (पश्चिम बंगाल) |
| 17 | - | कोलकाता (पश्चिम बंगाल) |
| 18 | - | लुधियाना (पंजाब) |
| 19 | - | मुंगेर (बिहार) |
| 20 | - | मुरादाबाद (यूपी) |
| 21 | - | नैनीताल (उत्तराखंड) |
| 22 | - | पटना (बिहार) |
| 23 | - | परगना (पश्चिम बंगाल) |
| 24 | - | शिमला (हिमाचल प्रदेश) |
| 25 | - | रूड़की (उत्तराखंड) |
| 26 | - | पीलीभीत (यूपी) |
| 27 | अंबाला (हरियाणा) |
भूकंप की स्थिति में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इसके लिए नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने एक गाइडलाइन तैयार की है। जिनको अपनाने से भूकंप के दौरान खुद और अपने परिवार का बचाव किया जा सकता है..

भारत में भूकंप के जोखिम के आधार पर क्षेत्र
- भूकंप के दौरान, इमारतों से दूर खुली जगह सबसे सुरक्षित होती है। ऐसे में भूकंप की स्थिति वहां पहुंचने की जल्द से जल्द कोशिश करें।
- अगर आप घर के अंदर हैं, तो टेबल, बिस्तर, या दरवाजे के नीचे और अंदर की दीवारों और सीढ़ियों के नीचे छिपने की कोशिश करें। कांच के दरवाजे, शीशे शीशे, खिड़कियों या बाहर के दरवाजों से दूर रहें। भगदड़ से बचने के लिए इमारत से बाहर जाने में जल्दबाजी न करें।
- यदि आप बाहर हैं, तो बिजली के तारों से दूर रहें।
- यदि आप किसी चलती गाड़ी में हैं, तो जितनी जल्दी हो सके रुक जाएं
- सभी पालतू जानवरों को मुक्त करें ताकि वे बाहर भाग सकें।
- मोमबत्तियों, माचिस या अन्य ज्वलनशीन वस्तुओं का इनस्तेमा नहीं करें। कहीं आग जल रही है तो बुझा दें।
