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देश के 38 शहरों में भूकंप का सबसे ज्यादा खतरा,UP-बिहार सहित यहां के लोगों पर अधिक जोखिम

  • Written by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Nov 9, 2022, 01:14 PM IST

Earthquake In India: देश का करीब 59 फीसदी इलाका ऐसा है, जहां भूंकप का खतरा रहता है। यही कारण है कि भारत में कम तीव्रता से लेकर ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप आते रहे हैं। इसमें बिहार, यूपी, जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, असम, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों के शहर शामिल हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • देश के 11 शहर सबसे ज्यादा भूकंप के जोखिम में हैं।
  • इसके अलावा 27 शहर जोन-4 में आते हैं।
  • अकेले अक्टूबर 2022 में देश भर में 54 भूकंप आए ।

Earthquake In India: मंगलवार देर रात नेपाल से लेकर दिल्ली, यूपी समेत देश के 6 राज्यों में भूकंप (Earthquake) के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Centre for Seismology ) के अनुसार, नेपाल में भूकंप 9 नवंबर को रात 1 बजकर 57 मिनट पर आया। एपीसेंटर नेपाल के मणिपुर में जमीन से 10 किमी नीचे था। नेपाल में भूकंप की तीव्रता 6.3 तीव्रता थी। नेपाल के दोती जिले में में घर गिरने से 6 लोगों की मौत हुई है। जहां तक भारत की बात है तो किसी जान-माल के नुकसान की खबर नही है।

हिमालय, हिन्दूकुश पर्वत श्रृंखलाओं के कारण भारत हमेशा से भंकूप के हाई रिस्क जोन में होता है। देश का करीब 59 फीसदी इलाका ऐसा है, जहां भूंकप का खतरा रहता है। यही कारण है कि भारत में कम तीव्रता से लेकर ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप आते रहे हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार अकेले अक्टूबर 2022 में देश भर में 54 भूकंप आए ।

38 शहरों पर सबसे ज्यादा खतरा

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश में 38 शहर ऐसे हैं, जो सबसे ज्यादा रिस्क वाले क्षेत्र हैं। ये शहर भूकंप के जोन-5 (Zone V), और जोन-4 (Zone IV) क्षेत्र में आते हैं। यानी देश में जब भी भूकंप आएगा, इन शहरों पर सबसे ज्यादा खतरा होगा। असल में भारत को भूकंप के जोखिम के अनुसार, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने देश को 2 से 5 जोन में बांटा हुआ है। इसमें से जोन-5 में 11 फीसदी क्षेत्र आते हैं। जबकि जोन-4 में 18 फीसदी क्षेत्र आते हैं। जबिक जोन-2 और जोन-3 में 30 फीसदी इलाका आता है। जोन-2 और जोन-3 में सबसे कम रिस्क रहता है।

क्रम संख्याजोन-5 के शहरजोन-4 के शहर
1भुज (गुजरात)अल्मोड़ा (उत्तराखंड)
2दरभंगा (बिहार)अमृतसर (पंजाब)
3गुवाहाटी (असम)बहराईच (यूपी)
4इंफाल (मणिपुर)बरौनी (बिहार)
5तेजपुर (असम)बुलंदशहर (यूपी)
6श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर)चंडीगढ़
7शादिया (असम)दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल)
8पोर्ट ब्लेयर (अंडमान और निकोबार)देहरादून (उत्तराखंड)
9मंडी (हिमाचल प्रदेेश)देवरिया (यूपी)
10कोहिमा (नगालैंड)गोरखपुर (यूपी)
11जोरहट (असम)दिल्ली
12-दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल)
13-गाजियाबाद (यूपी)
14-गंगटोक (सिक्किम)
15-जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल)
16-कूच बिहार (पश्चिम बंगाल)
17-कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
18-लुधियाना (पंजाब)
19-मुंगेर (बिहार)
20-मुरादाबाद (यूपी)
21-नैनीताल (उत्तराखंड)
22-पटना (बिहार)
23-परगना (पश्चिम बंगाल)
24-शिमला (हिमाचल प्रदेश)
25-रूड़की (उत्तराखंड)
26-पीलीभीत (यूपी)
27अंबाला (हरियाणा)
भूकंप आए तो सबसे पहले क्या करें

भूकंप की स्थिति में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इसके लिए नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने एक गाइडलाइन तैयार की है। जिनको अपनाने से भूकंप के दौरान खुद और अपने परिवार का बचाव किया जा सकता है..

Earthquake in india

भारत में भूकंप के जोखिम के आधार पर क्षेत्र

  1. भूकंप के दौरान, इमारतों से दूर खुली जगह सबसे सुरक्षित होती है। ऐसे में भूकंप की स्थिति वहां पहुंचने की जल्द से जल्द कोशिश करें।
  2. अगर आप घर के अंदर हैं, तो टेबल, बिस्तर, या दरवाजे के नीचे और अंदर की दीवारों और सीढ़ियों के नीचे छिपने की कोशिश करें। कांच के दरवाजे, शीशे शीशे, खिड़कियों या बाहर के दरवाजों से दूर रहें। भगदड़ से बचने के लिए इमारत से बाहर जाने में जल्दबाजी न करें।
  3. यदि आप बाहर हैं, तो बिजली के तारों से दूर रहें।
  4. यदि आप किसी चलती गाड़ी में हैं, तो जितनी जल्दी हो सके रुक जाएं
  5. सभी पालतू जानवरों को मुक्त करें ताकि वे बाहर भाग सकें।
  6. मोमबत्तियों, माचिस या अन्य ज्वलनशीन वस्तुओं का इनस्तेमा नहीं करें। कहीं आग जल रही है तो बुझा दें।
प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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