देश

'बिकरू कांड' में पुलिस के हाथों मारे गए 'गैंगस्टर विकास दुबे' की 10 करोड़ की संपत्ति कुर्क

  • Agency by: Agency
  • Updated Nov 2, 2022, 06:45 PM IST

ED action in Kanpur's Bikru Kand:पुलिस ने बताया था कि दुबे की 10 जुलाई, 2020 की सुबह पुलिस मुठभेड़ में उस समय मौत हो गई थी, जब उसे उज्जैन से कानपुर ले जा रहा पुलिस का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उसने घटनास्थल से भागने की कोशिश की थी।

Image

विकास दुबे की मुठभेड़ में मौत से पूर्व उसके पांच कथित सहयोगी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए थे (फाइल फोटो)

Vikas Dubey property attached: पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर विकास दुबे, उसके परिवार और सहयोगियों की 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति धन शोधन रोधी कानून के तहत कुर्क की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने एक बयान में बताया कि कानपुर और लखनऊ में स्थित कुल 28 अचल संपत्तियों को कुर्क करने के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है।

ईडी ने बताया कि कुल 10.12 करोड़ रुपये की ये संपत्तियां विकास दुबे, उसके परिवार के सदस्यों, सहयोगी जयकांत बाजपेयी एवं उसके परिवार के सदस्यों और दुबे के अन्य सहयोगियों के नाम पर है। उसने बताया कि ये संपत्तियां 'विकास दुबे की आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त धन से हासिल की गई हैं।'

डीएसपी देवेन्द्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मियों की हुई थी मौत

दुबे की मुठभेड़ में मौत से पूर्व उसके पांच कथित सहयोगी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए थे।इससे पहले, कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र के बिकरू गांव में तीन जुलाई,2020 की रात पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) देवेन्द्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मियों की उस समय मौत हो गयी थी, जब वे विकास दुबे को गिरफ्तार करने जा रहे थे और उन पर घात लगाकर हमला किया गया था।

ईडी ने कहा कि दुबे और उसके सहयोगी संगठित अपराध, भू माफिया, भ्रष्टाचार और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए धन के गबन जैसे विभिन्न प्रकार के अपराधों में शामिल थे।बयान में कहा गया है, 'तथ्य, सबूत और रिकॉर्ड यह साबित करते हैं कि उक्त व्यक्ति धनशोधन के अपराध में शामिल थे और उन्होंने अपराध से प्राप्त अधिकतर धन को अचल संपत्तियों में निवेश किया था।' संघीय एजेंसी ने दुबे और उसके सहयोगियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की कई प्राथमिकियों का संज्ञान लेने के बाद धनशोधन का मामला दर्ज किया गया था।

End of Article