CBSE 3rd Language Rule 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रों को तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और NCERT के नए पाठ्यक्रम के तहत लिया है। यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। CBSE द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, स्कूलों को नई भाषा व्यवस्था के अनुसार तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बदलाव का असर देशभर के सभी CBSE स्कूलों पर पड़ेगा।
क्या है CBSE का नया तीन-भाषा नियम, What is CBSE 3rd Language Rule 2026
नए नियम के अनुसार, कक्षा 9 से आगे के छात्रों को कुल 3 भाषाओं का अध्ययन करना होगा। इनमें से कम से कम 2 भाषाएं भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। अगर कोई छात्र विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है, तो उसे केवल तीसरी भाषा या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में चुना जा सकेगा
उदाहरण के तौर पर:
- हिंदी + संस्कृत + अंग्रेजी
- हिंदी + तमिल + फ्रेंच
- बंगाली + अंग्रेजी + जर्मन
- लेकिन तीनों भाषाएं विदेशी नहीं हो सकतीं।
NCERT के नए पाठ्यक्रम से होगी पढ़ाई
CBSE ने कहा है कि भाषा की पढ़ाई अब NCERT के नए पाठ्यक्रम के अनुसार कराई जाएगी। फिलहाल स्कूलों को कक्षा 9 के लिए अस्थायी तौर पर कक्षा 6 की R3 किताबों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। इसके साथ ही स्कूलों को स्थानीय साहित्य, कविताएं, कहानियां और अन्य पढ़ने की सामग्री जोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि बच्चों की भाषा क्षमता बेहतर हो सके।
Key Highilght
- कक्षा 9 में तीन भाषाओं (R1, R2, R3) का अध्ययन अनिवार्य होगा।
- तीन भाषाओं में कम से कम दो भारतीय भाषाएं रखना जरूरी।
- विदेशी भाषा को तीसरी भाषा के रूप में चुनने की अनुमति शर्तों के साथ मिलेगी।
- कक्षा 10 में तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।
- R3 का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर आंतरिक रूप से किया जाएगा।
- नई व्यवस्था NCERT पाठ्यक्रम और NEP 2020 के अनुरूप लागू होगी।
- स्कूलों को 30 जून 2026 तक OASIS पोर्टल पर भाषा विवरण अपडेट करने के निर्देश।
- विशेष आवश्यकता वाले छात्रों और विदेश स्थित स्कूलों को कुछ मामलों में छूट दी जाएगी।
- CBSE ने कहा- बदलाव का उद्देश्य बहुभाषी शिक्षा और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना है।

CBSE 3rd Language Rule 2026
तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी
छात्रों के तनाव को कम करने के लिए CBSE ने साफ किया है कि कक्षा 10 में तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं ली जाएगी। इस विषय का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर आंतरिक रूप से किया जाएगा। हालांकि, तीसरी भाषा का प्रदर्शन छात्र के CBSE प्रमाणपत्र में दर्ज रहेगा। सबसे राहत वाली बात यह है कि तीसरी भाषा के कारण किसी छात्र को बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा।
स्कूलों को क्या निर्देश दिए गए हैं?
CBSE ने सभी स्कूलों से कहा है कि वे:
- नई भाषा व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू करें
- 30 जून 2026 तक OASIS पोर्टल पर भाषा संबंधी जानकारी अपडेट करें
- जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन या हाइब्रिड क्लास का इस्तेमाल करें
- भाषा शिक्षकों की कमी होने पर दूसरे योग्य शिक्षकों की मदद लें
बोर्ड ने यह भी सुझाव दिया है कि स्कूल सेवानिवृत्त शिक्षकों और PG छात्रों की मदद भी ले सकते हैं।
किन छात्रों को मिलेगी छूट?
CBSE के अनुसार:
- विशेष जरूरतों वाले बच्चों (CwSN) को पुराने नियमों के अनुसार छूट मिलेगी
- विदेश से लौटने वाले छात्रों को राहत दी जाएगी
- भारत के बाहर स्थित CBSE स्कूलों के छात्रों को भी छूट मिलेगी
कब आएंगी पूरी गाइडलाइंस?
CBSE ने कहा है कि इस नए नियम से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइंस 15 जून 2026 तक जारी कर दी जाएंगी।
क्यों अहम है यह बदलाव?
नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। माना जा रहा है कि इससे छात्रों की मातृभाषा पर पकड़ मजबूत होगी और भारतीय भाषाओं को नई पहचान मिलेगी। साथ ही बच्चे अपनी संस्कृति और साहित्य से भी बेहतर तरीके से जुड़ पाएंगे।
