रांची की भव्या रंजन ने लिखी सफलता की कहानी, 99.8% अंक हासिल कर बनीं नेशनल टॉपर

ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या ने 12वीं कला संकाय में 99.8 प्रतिशत अंक हासिल कर नेशनल टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। जानिये उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे क्या कारण बताया? कितने घंटे करती थीं पढ़ाई, और आगे क्या बनना है उनका लक्ष्य

Authored by: नीलाक्ष सिंहUpdated May 14 2026, 12:39 IST
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रांची की भव्या रंजन ने लिखी सफलता की कहानी, 99.8% अंक हासिल कर बनीं नेशनल टॉपर

ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या ने 12वीं कला संकाय में 99.8 प्रतिशत अंक हासिल कर नेशनल टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। जानिये उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे क्या कारण बताया? कितने घंटे करती थीं पढ़ाई, और आगे क्या बनना है उनका लक्ष्य

रांची की भव्या रंजन ने लिखी सफलता की कहानी02 / 07

रांची की भव्या रंजन ने लिखी सफलता की कहानी

“सपने वही सच होते हैं, जिनके लिए ईमानदारी से मेहनत की जाए…” इस बात को रांची की बेटी भव्या रंजन ने सच साबित कर दिखाया है। ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या ने 12वीं कला संकाय में 99.8 प्रतिशत अंक हासिल कर नेशनल टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। उनकी इस शानदार सफलता से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरा स्कूल और शहर गर्व महसूस कर रहा है।

मेहनत, अनुशासन और परिवार का सहयोग03 / 07

मेहनत, अनुशासन और परिवार का सहयोग

भव्या की इस उपलब्धि के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार का पूरा सहयोग रहा। उनके पिता का नाम राजीव रंजन और मां का नाम बिक्की गांधी है। भव्या का अगला लक्ष्य सिविल सर्विसेज सेवा परीक्षा पास कर देश सेवा करना है।

10 से 12 घंटे की पढ़ाई04 / 07

10 से 12 घंटे की पढ़ाई

भव्या ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी पूरी लगन और नियमित अभ्यास के साथ की। स्कूल और घर मिलाकर वह प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। यह रूटीन उन्होंने रिजल्ट आने के बाद भी जारी रखा है।

लक्ष्य था 100 में 10005 / 07

लक्ष्य था 100 में 100

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल के शिक्षकों, माता-पिता और सही मार्गदर्शन को दिया। भव्या के अनुसार, स्कूल के एकेडमिक डायरेक्टर के निर्देशन में चलाए गए एक खास ग्रुप ने उनकी तैयारी को नई दिशा दी। इस विशेष ग्रुप में उन छात्रों को शामिल किया गया था, जिनका लक्ष्य हर विषय में 100 अंक हासिल करना था। ग्रुप में रोजाना 100 प्रश्न दिए जाते थे, जिनका जवाब छात्रों को देना होता था। किसी सवाल में परेशानी होने पर शिक्षकों से तुरंत मदद मिल जाती थी।

कैसे बनाए रखा आत्मविश्वास06 / 07

कैसे बनाए रखा आत्मविश्वास

नियमित पढ़ाई और अभ्यास से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और कठिन विषयों को समझना आसान बना दिया। भव्या पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा रहीं। उनका मानना है कि एक ही शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई करने से उन्हें शिक्षकों का लगातार मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहा, जिसने उनके व्यक्तित्व और पढ़ाई दोनों को मजबूत बनाया।

अब UPSC की तैयारी है लक्ष्य07 / 07

अब UPSC की तैयारी है लक्ष्य

भव्या आगे इतिहास विषय से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करेंगी। साथ ही उनका सपना UPSC परीक्षा पास कर सिविल सर्विसेज में जाना है। इसके अलावा वे 29 और 30 मई को होने वाली CUET परीक्षा के बाद वह दिल्ली विश्वविद्यालय या बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में आगे की पढ़ाई करना चाहती हैं।

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