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नागालैंड के सरकारी स्कूलों में होगा बड़ा बदलाव, गणित और विज्ञान के शिक्षकों की होगी भर्ती

नागालैंड में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ बदलाव होने जा रहा है। यहां राज्य सरकार कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के विलय या बंद करने से लेकर कंपोजिट स्कूलों के निर्माण और शिक्षकों की तैनाती को नए सिरे से व्यवस्थित करने की योजना पर काम कर रही है।

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नागालैंड के सरकारी स्कूलों में होगा बड़ा बदलाव

नागालैंड में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के विलय या बंद करने से लेकर कंपोजिट स्कूलों के निर्माण और शिक्षकों की तैनाती को नए सिरे से व्यवस्थित करने की योजना पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ स्कूलों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी के साथ गणित, विज्ञान और अन्य प्रमुख विषयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए आपातकालीन भर्ती पर भी विचार किया जा रहा है।

खबर एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि नागालैंड सरकार, सरकारी स्कूलों में बड़े पैमाने पर बदलाव करने जा रही है। इसमें कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मिलाना या बंद करना, कम्पोजिट स्कूल बनाना और टीचरों की तैनाती को सही ढंग से व्यवस्थित करना शामिल है। शनिवार को शैक्षिक बदलाव को बढ़ावा देना विषय पर नागालैंड सरकार हायर सेकेंडरी स्कूल कर्मचारी संघ (NGHSSEA) के सम्मेलन को संबोधित करते हुए, स्कूल शिक्षा सलाहकार डॉ. केख्रिएलहौली (Kekhrielhoulie Yhome) योम ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग ने जरूरी डेटा इकट्ठा कर लिया है और सुधार लागू करने से पहले टीचरों, समुदायों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत करेगा। उन्होंने कहा कि इस पुनर्गठन का मकसद सरकारी शिक्षा में छात्रों की संख्या, बुनियादी ढांचे, कामकाज के तरीके और कुल गुणवत्ता में सुधार करना है।

कंपोजिट स्कूल कौन से हैं

कंपोजिट स्कूल खासकर वे जहा स्कूल एक ही या आस-पास के परिसर में स्थित हैं। छात्रों को एलिमेंट्री से लेकर हायर सेकेंडरी शिक्षा तक निरंतरता प्रदान करेंगे और छात्रों की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। योम ने कहा कि विभाग को मुख्य विषयों, खासकर गणित, विज्ञान और पोस्ट-ग्रेजुएट स्तर की पढ़ाई के लिए शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अन्य श्रेणियों में शिक्षक जरूरत से ज्यादा हैं। जरूरी कमी को पूरा करने के लिए उपलब्ध संसाधनों को फिर से तैनात किया जाएगा।

गणित और विज्ञान के शिक्षकों की आपातकालीन भर्ती

सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए योम ने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए गणित और विज्ञान में ग्रेजुएट शिक्षकों की आपातकालीन भर्ती करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार गणित और विज्ञान में ग्रेजुएट शिक्षकों की आपातकालीन भर्ती करेगी। उन्होंने कहा कि गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे तकनीकी विषयों में शिक्षकों की कमी विशेष रूप से गंभीर है।

शिक्षकों की भर्ती जरूरी

उन्होंने कहा कि राज्य कैबिनेट ने इस मुद्दे को मान लिया है और सरकार भर्ती की प्रक्रिया तय करेगी। अगर हमारे पास शिक्षक नहीं होंगे, तो हमारे पास कोई चारा नहीं होगा क्योंकि हमारे स्कूल शिक्षकों की कमी के साथ नहीं चल सकते। उन्होंने आगे कहा कि अगर राज्य के भीतर उपयुक्त शिक्षक नहीं मिलते हैं, तो सरकार को नागालैंड के बाहर के उम्मीदवारों पर विचार करना पड़ सकता है।

यहोम ने बताया कि अभी NGHSSEA में लगभग 780 पोस्ट-ग्रेजुएट शिक्षक हैं, जबकि भर्ती की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 70 और PGTs के शामिल होने की उम्मीद है, और 30 और पद पाइपलाइन में हैं। उन्होंने पाठ्यक्रम, डिजिटल शिक्षा, कला, संगीत, सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा और मातृभाषा में शिक्षा को मजबूत करने की योजनाओं के बारे में भी बताया।

इनपुट: पीटीआई

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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