क्राइम

आफताब अमीन पूनावाला का 28 नवंबर को होगा नार्को टेस्ट, श्रद्धा मर्डर केस का खुलेगा राज!

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 26, 2022, 04:54 PM IST

लिव इन पार्टनर श्रद्धा वालकर (Shraddha Walkar) हत्याकांड का राज जल्द खुलने वाला है। क्योंकि आफताब अमीन पूनावाला (Aaftab Amin Poonawala) का नार्को टेस्ट 28 नवंबर को कराया जाएगा।

नई दिल्ली: लिव इन पार्टनर श्रद्धा वालकर (Shraddha Walkar) की हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला (Aaftab Amin Poonawala) का नार्को टेस्ट 28 नवंबर को कराया जा सकता है। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इसी बीच दिल्ली की एक अदालत ने आफताब को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

दिल्ली पुलिस ने पहले बताया था कि पीड़िता के शव का डीएनए टेस्ट रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) सागर प्रीत हुड्डा ने कहा कि डीएनए टेस्ट रिपोर्ट (पीड़ित के शरीर के अंगों की) पुलिस को प्राप्त नहीं हुई है। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की थी कि आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं कराया जा सका है।प्रीत हुड्डा ने कहा कि महरौली पुलिस स्टेशन केस एफआईआर नंबर 659/22 में आईपीसी की धारा 365/302/201 के तहत आरोपी आफताब अमीन का पॉलीग्राफ टेस्ट आज नहीं हो सका।'

दिल्ली पुलिस श्रद्धा वालकर हत्या मामले की जांच कर रही है, जिसमें उसके लिव-इन पार्टनर आफताब ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी, जिसने कथित तौर पर उसके शरीर को 35 टुकड़ों में काटकर राष्ट्रीय राजधानी के छतरपुर इलाके में फेंक दिया था। दिल्ली पुलिस ने 16 नवंबर को श्रद्धा के पिता विकास वालकर का डीएनए सैंपल लिया है, ताकि फेंके गए बॉडी पार्ट्स और ब्लड सैंपल का मिलान किया जा सके। दिल्ली पुलिस ने इस बात की भी पुष्टि की है कि जांच के दौरान दिल्ली के छतरपुर में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के फ्लैट की रसोई में खून के धब्बे पाए गए थे। खून किसका था, इसका पता लगाने के लिए खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए।

गौर हो कि दिल्ली पुलिस ने श्रद्धा के पिता की शिकायत पर छह महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाया और आफताब अमीन आफताब को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस को श्रद्धा के पिता से शिकायत मिली और 10 नवंबर को एक एफआईआर दर्ज की गई। आफताब और श्रद्धा एक डेटिंग साइट पर मिले और बाद में छतरपुर में किराए के मकान में एक साथ रहने लगे।

दिल्ली पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि आफताब ने 18 मई को श्रद्धा की हत्या की और बाद में उसके शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगा। उसने पुलिस को बताया कि उसने मानव शरीर रचना के बारे में पढ़ा था ताकि बॉडी को काटने में मदद मिल सके। पुलिस ने बताया कि आफताब ने शॉपिंग मोड गूगल में सर्च करने के बाद कुछ केमिकल से फर्श से खून के धब्बों को साफ किया और दाग लगे कपड़ों को नष्ट किया।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने 17 नवंबर को अपने पूर्वी समकक्षों से मानव सिर समेत बॉडी के टुकड़ों के डीएनए नमूने का मिलान करने के लिए संपर्क किया था, जिसे बाद में जून में बरामद किया गया था। सूत्रों के मुताबिक पूर्वी दिल्ली पुलिस को इस साल जून में राष्ट्रीय राजधानी के पांडव नगर थाने के त्रिलोकपुरी इलाके में एक कटा हुआ सिर और हाथ मिला था, जो श्रद्धा की हत्या (18 मई को) के करीब एक महीने बाद हुआ था। बाद में, पूर्वी दिल्ली में पाए गए बॉडी के अंगों को डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया था, और दिल्ली पुलिस के बयान के अनुसार फोरेंसिक रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article