कानपुर

कानपुर IIT छात्रा से ACP ने किया रेप, शादी की बात छिपाकर किया कांड; अब हुआ ये काम

कानपुर आईआईटी की छात्रा ने कलक्टरगंज एसीपी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। छात्रा का आरोप है कि एसीपी ने प्रेमजाल में फंसाकर उनके साथ रेप किया और अपने शादीशुदा होने की सच्चाई भी छुपाई।

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आईआईटी छात्रा से रेप

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

कानपुर: आईआईटी में पढ़ रही छात्रा ने कलक्टरगंज एसीपी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। छात्रा की शिकायत के बाद डीसीपी साउथ और एसीपी मामले की जांच करने आईआईटी पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब दो घंटे तक बंद कमरे में आईआईटी छात्रा से बातचीत की गई। मामले में पुलिस कमिश्नर ने एफआईआर दर्ज करते हुए एसआईटी गठित कर दी है। एसीपी को उनके पद से हटाकर मुख्यालय से संबंद्ध कर दिया गया है।

प्रेम जाल में फंसाकर रेप

रेप का आरोप कानपुर में साइबर क्राइम के मामलों में चर्चित एसीपी पर लगा है। साइबर क्राइम के अलावा वह एसीपी कलक्टरगंज का प्रभार भी संभाल रहे थे। बताया जा रहा है कि वह आईआईटी कानपुर से साइबर क्राइम एंड क्रिमिनोलॉजी की पढ़ाई भी कर रहे हैं। इस दौरान वहां पर पढ़ाई कर रही रिसर्च स्कॉलर से उनकी नजदीकी बढ़ गई। छात्रा का आरोप है कि एसीपी ने प्रेमजाल में फंसाकर उनके साथ रेप किया और अपने शादीशुदा होने की सच्चाई भी छुपाई।

शादीशुदा होने की बात छिपाई

बाद में उसे एसीपी के शादीशुदा होने की बात पता चली, जिसके बाद उसने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसके बाद डीसीपी साउथ अंकिता शर्मा और एसीपी अर्चना सिंह सादे कपड़ों में आईआईटी पहुंची और छात्रा से पूछताछ की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस कमिश्नर ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। डीसीपी साउथ ने बताया कि एफआईआर दर्ज करने के साथ एसआईटी गठित की गई है। एसीपी को उनके पद से हटाकर पुलिस हेड क्वार्टर से संबंद्ध कर दिया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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