पटना

Pitrapaksh 2023 के बीच Gaya जी में VP जगदीप धनखड़: विष्णुपद मंदिर जा करेंगे Tarpan, पूजा के लिए पत्नी भी पहुंची हैं साथ

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Sep 29, 2023, 11:00 AM IST

Pitrapaksh 2023 Latest News in Hindi: मंदिर में उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ अपने पितरों के मोक्ष के लिए पूजा-अर्चना करेंगे। धनखड़ विष्णुपद मंदिर में ‘पिंडदान’ करेंगे और इसके बाद ‘तर्पण’ करेंगे।

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बिहार के गया जी में उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वागत के दौरान का दृश्य।

Photo : Twitter

Pitrapaksh 2023 Latest News in Hindi: देश के उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) शुक्रवार (29 सितंबर, 2023) को बिहार (Bihar) के गया जी (Gaya) पहुंचे। वह वहां विष्णुपद में अपने पितरों का तर्पण करेंगे।

क्या है उप-राष्ट्रपति का पूरा प्रोग्राम?दरअसल, अपने बिहार दौरे पर धनखड़ सुबह हेलीकॉप्टर से गया हवाई अड्डे पर उतरे। फिर वहां से वह सड़क मार्ग से विष्णुपद मंदिर जाएंगे। मंदिर में उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ अपने पितरों के मोक्ष के लिए पूजा-अर्चना करेंगे। धनखड़ विष्णुपद मंदिर में ‘पिंडदान’ करेंगे और इसके बाद ‘तर्पण’ करेंगे।

Jagdeep Dhankhar

Jagdeep Dhankhar

अपराह्न करीब दो बजे उपराष्ट्रपति एक सत्र में नालंदा विश्विद्यालय के छात्रों और शिक्षकों से संवाद करेंगे। सुरक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि उपराष्ट्रपति की यात्रा के मद्देनजर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, साथ ही ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी की जा रही है।

VP के दौरे के चलते यह रूट रहेगा प्रभावित

उप-राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर सुबह 09.15 से 09.35 तक गया एयरपोर्ट से पांच नंबर गेट होते हुए बिपार्ड और नारायणी पूल- बंगाली आश्रम रोड बंद रहा। आगे दोपहर 12 बजे से 12:30 दोपहर तक विष्णुपद मंदिर से बंगाली आश्रम होते हुए नारायणी पूल- बाईपास- बिपार्ड- पांच नंबर गेट - सिकड़िया मोड़ होते हुए जिला अतिथि गृह तक का रास्ता अवरुद्ध रहेगा।

क्यों गया जी हैं खास?

चूंकि, हिंदू धर्म में पितरों (पूर्वजों) की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए गया जी में पिंडदान को अहम कर्मकांड माना जाता है। बिहार का गया इसके लिए सर्वोत्तम स्थान माना गया है। भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष के 15 दिन को 'पितृपक्ष' कहा जाता है। इस पखवाड़े में लोग अपने पूर्वजों की मृतात्माओं की मुक्ति के लिए वहां पिंडदान करते हैं। यही कारण है कि गया को 'मोक्ष की भूमि' भी कहा जाता है।
अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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