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14 दिसंबर को महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार, शिंदे के न गृह मिलेगा और ना ही राजस्व, अमित शाह के घर बैठक में हो गया तय!

Maharashtra Cabinet Expansion: महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार 14 दिसंबर तक होने की संभावना है। कैबिनेट में भाजपा कोटे से मुख्मयंत्री समेत 21 -22 मंत्री पद रखे जाने की संभावना है। चार-पांच मंत्री पद खाली रखे जा सकते हैं। मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 मंत्री हो सकते हैं।

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Amit Shah-Devendra Fadnavis

Photo : PTI

Maharashtra Cabinet Expansion: महाराष्ट्र में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार का गठन हो चुका है। महायुति की पिछली सरकार में मुख्यमंत्री रहे एकनाथ शिंदे इस सरकार में फडणवीस के डिप्टी बने हैं। हालांकि, महायुति की तीनों पार्टियों के बीच अब तक पोर्टफोलियो आवंटन को लेकर गहमागहमी बनी हुई है। इस बीच देर रात अमित शाह के आवास पर एक बैठक हुई है, जिसमें देवेंद्र फडणवीस के अलावा जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है कि बैठक में महाराष्ट्र सरकार में पोर्टफोलियो आवंटन को लेकर चर्चा हुई।

भाजपा के एक नेता ने नाम न लेने की शर्त पर बताया कि महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार 14 दिसंबर तक होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि शिवसेना को गृह विभाग नहीं मिलेगा और राजस्व विभाग भी उसे दिये जाने की संभावना नहीं है। हालांकि, शिवसेना को शहरी विकास विभाग मिल सकता है। गौरतलब है कि ऐसी खबरें आती रही हैं कि शिंदे गुट राजस्व व गृह विभाग जैसे मंत्रालयों की मांग कर रहा है, जिसको लेकर भाजपा व शिवसेना के बीच अब तक सहमति नहीं बन पाई है।

कैबिनेट में हो सकते हैं अधिकतम 43 मंत्री

भाजपा नेता ने बताया कि कैबिनेट में भाजपा कोटे से मुख्मयंत्री समेत 21 -22 मंत्री पद रखे जाने की संभावना है। चार-पांच मंत्री पद खाली रखे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 मंत्री हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि तीन पार्टियां (महायुति के सहयोगी भाजपा, शिवसेना और एनसीपी) इसमें शामिल हैं।

सीएम बनने के बाद पहला दिल्ली दौरा

बता दें, देवेंद्र फडणवीस के सीएम पद की शपथ लेने के बाद उनका यह पहला दिल्ली दौरा है। बुधवार को दिल्ली में उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।

उन्होंने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की। राष्ट्रपति मुर्मू से अपनी मुलाकात के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, उन्हें महाराष्ट्र के देवता भगवान विट्ठल-रुक्मिणी की मूर्ति भेंट की। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने यहां फडणवीस और धनखड़ की मुलाकात की तस्वीर साझा की।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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