Delhi Mumbai DND Expressway: राजधानी दिल्ली से मुंबई के बीच 1300 किलोमीटर से भी लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण अपने आखिरी चरण की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) सोहना तक 59 किलोमीटर का लंबा एक्सेस कंट्रोल्ड लिंक बना रहा है। उम्मीद है साल 2024 के अप्रैल माह तक इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा और इसे मई से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इसका एक हिस्सा सोहना से दौसा शुरू है। वहीं, इसे डीएनडी फ्लाईवे से भी कनेक्ट किया जाएगा। इसके निर्माण से नोएडा से जयपुर महज तीन घंटे लगेंगे और दिल्ली से जयपुर तक का सफर दो घंटे में पूरा होगा। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से सूरत तक का सफर आसान करेगा। आइये जानते हैं यह कितने शहरों को कवर करेगा।
तीन चरणों में किया जा रहा निर्माण
दिल्ली से मुंबई डीएनडी एक्सप्रेसवे का कार्य तीन चरणों में किया जा रहा है। इसके पहले चरण में दिल्ली से जैतपुर और दूसरे चरण में दिल्ली से जैतपुर से फरीदाबाद के सेक्टर 65 तक निर्मित किया जा रहा है। इसके अलावा फरीदाबाद के सेक्टर 65 से नूहं जिले के खलीलपुर के पास केएमपी एक्सप्रेसवे तक है। वहीं, तीसरे चरण में काम पिछले वर्ष हो चुका है। इसके अलावा फरीदाबाद में दूसरे चरण का कार्य 84 फीसदी पूरा हो चुका है, शेष 17 फीसदी कार्य मई तक पूरा होने का अनुमान है।
जेवर एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान
इसके निर्माण से जेवर एयरपोर्ट आसानी से जा सकेंगे। हिंदुस्तान में छपे लेख के मुताबिक, इस परियोजना के चरण के हिस्से को फरीदाबाद के सेक्टर-65 तक बनाया जा रहा है। यहां से जेवर एयरपोर्ट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है। यह करीब 31 किलोमीटर है और इसके निर्माण में करीब 1660 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस परियोजना के पूरा होने से कई राज्यों के विभिन्न शहरों से की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और जयपुर, अहमदाबाद की ओर, वड़ोदरा, मुंबई एनएच-48 (पुराना एनएच 8) पर और कानपुर की ओर कनेक्ट किया जा सकेगा। एनएच 19 (पुराना एनएच 2) के माध्यम से लखनऊ, कोलकाता भी जा सकेंगे।
ट्रेन से भी कम समय लगेगा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हरियाणा के सोहना से शुरू होकर राजस्थान, मध्य प्रदेश से होकर महाराष्ट्र तक जाएगा। इस लिहाज से जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, कोटा, उदयपुर, चित्तोड़गढ़, सवाई माधोपुर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, सूरत और आसपास के शहरे कनेक्टीविटी आसान हो जाएगी। मौजूदा वक्त में दिल्ली से सूरत तक वाया रोड दूरी 1150 किमी. से अधिक है। वहीं, एक्सप्रेसवे निर्माण के बाद यही दूरी 800 किमी. तक पहुंच जाएगी। इस लिहाज से करीब 350 किमी. दूरी कम हो जाएगी। वहीं, ट्रेन से जाने में 1121 किमी. की दूरी सूरत तक पड़ती है।
NHAI के मुताबिक, दिल्ली से डीएनडी-फरीदाबाद-नूंह एक्सप्रेसवे करीब 60 किलोमीटर लंबा है। दिल्ली से बल्लभगढ़ बाईपास और कैलगांव के पास दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे को पार करता है। वहीं, पश्चिम में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) खंड के चौराहे के पास सोहना के पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (डब्ल्यूपीई) और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक है। दिल्ली में डीएनडी महारानी बाग से शुरू होता है। खिजराबाद, बटला हाउस और ओखला विहार, यमुना नदी के पश्चिमी तट, नहर पर कॉलोनी और जसोला विहार होकर फरीदाबाद से लगते जैतपुर तक जाता है।
