Direct Tax Collection: मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर है। उसका खजाना पिछले साल के मुकाबल 23 फीसदी बढ़ गया है। अप्रैल से लेकर मध्य सितंबर तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 23.51 फीसदी बढ़कर 8.65 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 7 लाख करोड़ रुपये था। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह एडवांस टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी होना है। इस दौर एडवांस टैक्स कलेक्शन 3.35 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
जानें कहां से कितना आया पैसा
वित्त मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कंपनियों की ओर से अधिक एडवांस टैक्स भुगतान की वजह से प्रत्यक्ष कर संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।मंत्रालय के अनुसार 16 सितंबर तक 8,65,117 करोड़ रुपये के नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 4,16,217 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट इनकम टैक्स (सीआईटी) और प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) सहित 4,47,291 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत इनकम टैक्स शामिल है।
इसके तहत चालू वित्त वर्ष में सितंबर मध्य तक एडवांस टैक्स कलेक्शन 21 फीसदी बढ़कर 3.55 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2.94 लाख करोड़ रुपये था। एडवांस टैक्स कलेक्शन के तहत कॉरपोरेट इनकम टैक्स 2.80 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत इनकम टैक्स 74,858 करोड़ रुपये है।
1.22 लाख करोड़ का रिफंड
इस अवधि में आयकर विभाग ने करीब 1.22 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया है। मंत्रालय ने कहा कि कुल मिलाकर वित्त वर्ष 2023-24 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह 18.29 प्रतिशत बढ़कर 9.87 लाख करोड़ रुपये है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 8.34 लाख करोड़ रुपये था। एडवांस टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी से साफ है कि इकोनॉमी के हालात बेहतर है और कंपनियों की कमाई बढ़ाई रही है। जिसकी वजह से उन्होंने ज्यादा टैक्स कलेक्शन किया है।
