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अजब: डॉक्टर ने पर्ची पर शुद्ध हिंदी में लिखा दवाई का नाम, तभी नजर पड़ी डिग्री पर, फिर यूजर्स ने जमकर लिए मजे

Viral News: एक डॉक्टर ने पर्ची पर शुद्ध हिंदी में दवाइयों के नाम लिख दिए। जिसके बाद यूजर्स हैरान रह गए। इसी बीच लोगों की नजर डॉक्टर की डिग्री पर पड़ गई। इसके बाद लोगों को पूरा माजरा समझ में आया।

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डॉक्टर की अनोखी पर्ची (इंस्टाग्राम)

Viral News: आप अगर डॉक्टर के पास गए होंगे तो आपने देखा होगा कि पर्चे पर वह दवाई का नाम ऐसे लिखते हैं कि आसानी से पढ़ना मुश्किल होता है। सिर्फ मेडिकल स्टोर वाले ही दवाइयों के नाम पढ़ पाते हैं। दूसरी तरफ एक डॉक्टर ने पर्ची पर शुद्ध हिंदी में दवाइयों के नाम लिख दिए। जिसके बाद यूजर्स हैरान रह गए। इसी बीच लोगों की नजर डॉक्टर की डिग्री पर पड़ गई। इसके बाद लोगों को पूरा माजरा समझ में आया। डॉक्टर की यह पर्ची इंटरनेट पर जमकर सुर्खियां बटोर रही है।

डॉक्टर ने हिंदी में लिखा दवाई का नाम

रिपोर्ट के अनुसार, यह पर्चा यूपी के हरदोई जिले के जाहिदपुर में स्थित श्रीवास्तव क्लीनिक का है। इस पर्ची पर आप दो डॉक्टरों के नाम देख सकते हैं। इसमें आप दो डॉक्टरों के नाम डॉ. दिनेश श्रीवास्तव और डॉ. वरुण श्रीवास्तव देख सकते हैं। इसमें से डॉ. दिनेश श्रीवास्तव की योग्यता तो बीएएमएस, फिजिशियन और सर्जन की है। जबकि, दूसरे डॉक्टर डॉ. वरुण श्रीवास्तव की योग्यता राजनीति विज्ञान में एमए लिखी नजर आ रही है। इसके बाद लोगो ने डॉ. वरुण श्रीवास्तव के मजे लेने शुरू कर दिए। देखें पर्ची-

आप देख सकते हैं कि पर्चे में डॉक्टर ने दवाइयों ने नाम शुद्ध हिंदी में पैरासिटामोल और बेकोस्यूल लिखा है। इंस्टाग्राम पर @mrgroupagency नाम के अकाउंट से इस पर्चे को शेयर किया गया है। इस पर यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। राजनीति विज्ञान से चिकित्सा में करियर बदलाव को लेकर एक यूजर ने डॉ. वरुण श्रीवास्तव को "राजनीतिक डॉक्टर" करार दिया है।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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