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Ajab Gajab: कौन है यह बहादुर चूहा, जिसने 70 से ज्यादा लैंडमाइन का लगाया था पता, सच्चाई जान आप भी चौंक जाएंगे

Ajab Gajab: वैसे तो दुनिया में कई बहादुर जानवर होते हैं, जिनके बारे में आप जानते होंगे। लेकिन, एक बहादुर चूहा ऐसा भी था, जिसने काफी खतरनाक काम किए और कई लोगों की जिंदगी बचाई।

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बहादुर चूहा मागवा

Ajab Gajab: आप सबने कई बहादुर योद्धाओं की कहानियां सुनी होगी। इसके अलावा कुछ बहादुर जानवरों की भी कहानियां पढ़ी या फिर सुनी होगी। खासकर, कुत्ते, बिल्ली या फिर हाथी की। लेकिन, कभी किसी बहादुर चूहे की कहानी सुनी है। ज्यादातर लोगों का जवाब ना ही होगा। इतना ही नहीं कई लोगों के मन में सवाल भी उठ रहा होगा कि चूहा कब से बहादुर होने लगा। लेकिन, आज हम आपको एक ऐसे बहादुर चूहे के बारे में बताएंगे, जिसके बारे में जानकर आप भी दंग रह जाएंगे। क्योंकि, इस चूहे ने ऐसे-ऐसे कारनामे किए थे, जिसने सबको चौंका दिया। तो आइए जानते हैं इस चूहे के बारे में...

हम जिस चूहे के बारे में बात कर रहे हैं, उसका नाम है मागवा (Magawa Rat), जो एक अफ्रीकी नस्ल का चूहा है। इस चूहे ने अपनी मेहनत और अनोखी क्षमता से हजारों लोगों की जान बचाई। यह चूहा तंजानिया में पैदा हुआ था और लैंड माइन और बम सूंघने के अपने करियर की शुरुआत करने से पहले कंबोडिया में ट्रेनिंग ली थी। बताया जाता है कि करीब पांच साल तक उसने कंबोडिया जैसे खतरनाक इलाकों में काम किया। इतना ही नहीं कार्य के दौरान उसने 71 बारूदी सुरंगों और 38 जिंदा विस्फोटकों का पता लगाया था। इस कारण कई इलाके सुरक्षित भी हो गए थे। जहां पहले लोगों का जाना बेहद खतरनाक माना जाता था। इतना ही नहीं इस अविश्वनीय कार्य के लिए ब्रिटेन की संस्था PDSA ने मागवा को गोल्ड मेडल प्रदान किया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस तरह का सम्मान आमतौर पर कुत्तों को मिलता है। लेकिन, पहली बाल किसी चूहे को यह सम्मान दिया गया था। मागव को साल 2016 में कंबोडिया में लाया गया था। जबकि, साल 2021 में उसे रिटायर कर दिया गया था।

8 साल की उम्र में निधन

इस चूहे ने जिस तरह का काम किया था, उससे हजारों लोग उसका फैन हो गए थे। इतना ही नहीं एक समय हर तरफ उसकी चर्चा होने लगी थी। लेकिन, महज आठ साल की उम्र में उस चूहे का निधन हो गया था। उस चूहे के हैंडलर का कहना था कि उसके साथ काम करना मेरे लिए गर्व की बात थी। फिलहाल, यह जिम्मेदारी रोनिन चूहा संभाल रहा है। जिसने अब तक 100 से ज्यादा बारूदी सुरंगों और कई विस्फोटकों का पता लगाकर एक नया रिकॉर्ड बना दिया है।

Kaushlendra Pathak
कौशलेंद्र पाठकauthor

कौशलेंद्र पाठक टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कार्यरत हैं। मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उनका सफर ग्राउंड रिपोर्टिंग से डिजिटल डेस्क तक फैला, जहां उन्होंने कंटेंट की विविध शैलियों को नजदीक से समझा। अजब-गजब, अनोखी, सोशल और ट्रेंडिंग कंटेंट पर उनकी गहरी पकड़ और तेज न्यूज सेंस ने उन्हें डिजिटल दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कौशलेंद्र का ध्यान हमेशा ऐसे कंटेंट पर रहता है जो रीडर्स को नई, दिलचस्प और अनजानी कहानियों से रूबरू कराए—हर बार कुछ अलग, कुछ नया।

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