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मस्क को लेनी पड़ी 'श्रीराम' की मदद ! पराग के बाद ये खास काम कर रहा है भारतीय मूल का इंजीनियर

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  • Updated Nov 1, 2022, 12:40 PM IST

Sriram Krishnan Helping Elon Musk: श्रीराम कृष्णन ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि वो ट्विटर कंपनी के लिए एलन मस्क की अस्थायी तौर पर मदद कर रहे हैं। साथ में उन्होंने कहा है कि मैं ट्विटर के लिए कुछ शानदार लोगों के साथ मिलकर एलन मस्क की मदद कर रहा हूं।

KEY HIGHLIGHTS
  • श्रीराम कृष्णन पहले ट्विटर में काम कर चुके हैं।
  • श्रीराम कृष्णन 16z crypto के पार्टनर हैं।
  • वह मूल रूप से चेन्नई के रहने वाले हैं।

Sriram Krishnan Helping Elon Musk:ट्विटर को खरीदने के बाद, एलन मस्क ताबड़तोड़ बदलाव कर रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने भारतीय मूल के सीईओ पराग अग्रवाल और पॉलिसी हेड और लीगल मामलों की टॉप एक्जीक्यूटिव विजया गाड्डे को ट्विटर से बाहर का रास्ता दिखाया। इन भारतीय मूल के टेक्नोटक्रैट्स को मस्क ने हटा तो दिया, लेकिन आगे 'आजाद चिड़िया' (ट्विटर को खरीदने के बाद मस्क ने ट्विटर के बारे में कहा था कि चिड़िया आजाद हो गई है) को कैसे चलाना है, उसके लिए उन्हें फिर एक भारतीय का ही सहारा लेना पड़ा रहा है। इस भारतीय मूल के टेक्नोक्रैट का नाम श्रीराम कृष्णन है। इस बात की जानकारी खुद श्रीराम कृष्णन ने ट्वीट के जरिए दी है। उन्होंने लिखा है कि वह मस्क की मदद कर रहे हैं।

क्या मदद कर रहे हैं श्रीराम कृष्णन

श्रीराम कृष्णन ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि वो ट्विटर कंपनी के लिए एलन मस्क की अस्थायी तौर पर मदद कर रहे हैं। साथ में उन्होंने कहा है कि मैं ट्विटर के लिए कुछ शानदार लोगों के साथ मिलकर एलन मस्क की मदद कर रहा हूं। मेरा मानना है कि कि ये बहुत ही महत्वपूर्ण कंपनी है और इसका दुनिया पर बड़ा असर हो सकता है।

हालांकि श्रीराम ने यह खुलासा नहीं किया है कि वह मस्क की किस तरह मदद कर रहे हैं। उनके पुराने ट्विटर के अनुभव और मस्क के फ्यूचर प्लान को देखते हुए इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि श्रीराम क्या कर रहे हैं। श्रीराम पेशे से इंजीनियर हैं, और साल 2017 से 2019 के बीच ट्विटर में काम कर चुके हैं। उस समय वो कंपनी के कोर कंज्यूमर प्रोडक्ट टीम से जुड़े थे। ऐसे में उनके उस अनुभव का फायदा मस्क उठाना चाह रहे होंगे।

मस्क जिस तरह से ट्विटर को कमाई का जरिया बनना चाहते हैं। उसमें श्रीराम उनके काम आ सकते हैं। हाल ही में ऐसी खबरें आई हैं कि मस्क ब्लू टिक (Twitter Blue Tick) नियम में बदलाव कर सकते हैं। इसके तहत यह अब यूजर्स के लिए फ्री नहीं रहेगा। जिसके लिए यूजर्स को पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। रविवार को उन्होंने ऐलान किया कि ट्विटर अपने यूजर्स के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस में बदलाव करेगा। इसके लिए यूजर्स को हर महीने 19.99 डॉलर चार्ज यानी करीब 1,600 रुपये देने पड़ सकते हैं। इन योजनाओं को देखते हुए श्रीराम , मस्क की ट्विटर में बड़े बदलाव करने में मदद कर सकते हैं।

कौन हैं श्रीराम कृष्णन

श्रीराम कृष्णन की प्रोफाइल के अनुसार, वह 16z crypto के पार्टनर हैं। वह ट्विटर, माक्रोसॉफ्ट,मेटा (फेसबुक) में भी काम कर चुके हैं। वह अपनी पत्नी आरती रामामूर्ति के साथ मिलकर एक पॉडकॉस्ट और यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। इसके अलावा वह स्टार्टअप में खास तौर से निवेश करते हैं। कृष्णन ने अन्ना यूनिवर्सिटी के एसआरएम कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है।उनके पिता एक बीमा कंपनी में काम करते थे और मां गृहिणी रही हैं।

पराग से इसलिए बिगड़ गई बात

मस्क और पराग के बीच फेक अकाउंट को लेकर खींचतान शुरू हुई थी। मस्क ने पराग अग्रवाल पर यह आरोप लगाया था कि ट्विटर में 20 फीसदी फेक अकाउंट हैं। और उनका मानना था कि इसकी वजह से उन्होंने ट्विटर को खरीदने के लिए 44 अरब डॉलर की रकम की जो बोली लगाई, वह कहीं ज्यादा है। हालांकि पराग अग्रवाल ने लंबे ट्वीट के जरिए मस्क को आरोपों को खारिज करने की कोशिश की। उनके अनुसार ऐसे फेक अकाउंट की संख्या औसतन 5 फीसदी के करीब है। लेकिन वहां से दोनों के बीच जो भरोसा टूटा उसके अंत पराग अग्रवाल की ट्विटर से विदाई के रूप में हुआ।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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