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90% भारतीय कंपनियों में बढ़ रहा AI का इस्तेमाल, क्लाउड आने से बढ़ रहा चलन

AI Trend in india: रिपोर्ट में बताया गया कि व्यावसायिक प्रक्रियाओं में एआई और एमएल को शामिल करने काफी कंपनियों को काफी लाभ हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 37 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने क्लाउड माइग्रेशन के बाद उत्पाद और सेवाओं में इनोवेशन को आगे बढ़ाने में इन तकनीकों को महत्वपूर्ण बताया है।

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AI Trend in india

AI Trend in india: हर 10 में से 9 भारतीय कंपनियों का मानना है कि क्लाउड आने के कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के चलन में इजाफा हो रहा है। यह जानकारी बुधवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई। ईवाई इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि वर्तमान में 67 प्रतिशत भारतीय कंपनियां अपनी एप्लीकेशन को क्लाउड पर स्थानांतरित कर रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर भारतीय कंपनियां हाइब्रिड अप्रोच को अपना रही हैं। करीब 80 प्रतिशत कंपनियां अपनी एप्लीकेशन को आंशिक तौर पर क्लाउड और इन-हाउस दोनों प्रकार से मैनेज कर रही हैं। यह अप्रोच लचीलेपन की अनुमति देती है, साथ ही पूर्ण क्लाउड माइग्रेशन की दिशा में प्रगति के लिए कंपनियों को सक्षम बनाती है।

भारत में क्लाउड टेक्नोलॉजी

ईवाई इंडिया के टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग पार्टनर, अभिनव जौहरी ने कहा, "भारत में क्लाउड टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाना महज तकनीकी अपग्रेड से कहीं अधिक है। यह एक परिवर्तनकारी बदलाव है जो व्यवसायों को अपने ऑपरेटिंग मॉडल, उत्पादों या सेवाओं को फिर से परिभाषित करने का अधिकार देता है।" जौहरी ने आगे कहा,"क्लाउड के जरिए एआई की क्षमताओं का लाभ उठाकर कंपनियां अब ग्राहकों की उभरती जरूरतों और बाजार में बदलावों पर तेजी से प्रतिक्रिया दे सकती हैं और एआई-संचालित समाधानों के माध्यम से बेहतर मूल्य प्रदान कर सकती हैं।"

रिपोर्ट में बताया गया कि व्यावसायिक प्रक्रियाओं में एआई और एमएल को शामिल करने काफी कंपनियों को काफी लाभ हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 37 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने क्लाउड माइग्रेशन के बाद उत्पाद और सेवाओं में इनोवेशन को आगे बढ़ाने में इन तकनीकों को महत्वपूर्ण बताया है।

साइबर सिक्योरिटी और बजट प्रमुख चिंता

वैश्विक स्तर पर 38 प्रतिशत की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत घरेलू कंपनियां, कौशल और क्षमता के अंतर को क्लाउड-नेटिव ऐप्लीकेशन के विकास में एक प्रमुख बाधा मानती हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि साइबर सिक्योरिटी और बजट को कंपनियां पूर्ण क्लाउड माइग्रेशन में बाधा मानती है। साथ ही कहा कि एआई और एमएल को व्यावसायिक प्रक्रियाओं में शामिल करना कंपनियों के लिए एक फायदे का सौदा है।

इनपुट- आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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