कुमार विश्वास देश के प्रसिद्ध कवि और शायर हैं। उनकी कविताएं और शायरी युवाओं को काफी प्रेरित करती है। कुमार विश्वास अपनी कविताओं और शायरी की बदौलत युवाओं के दिलों पर राज करते है। कुमार विश्वास की हर कविता और शायरी सीधे दिल में उतरती है। वैलेंटाइन डे के मौके पर आज हम आपको उनकी कुछ लव शायरी के बताने जा रहे हैं जिसके जरिए आप अपनी मोहब्बत का इजहार कर सकते हैं। यहां देखें कुमार विश्वास की दिल में उतरने वाली लव शायरी।
1. पनाहों में जो आया हो तो उस पर वार क्या करना ,जो दिल हारा हुआ वोहा पे फिर अधिकार क्या करना, मुहब्बत का मजा तो डूबने की कशमकश में है, ग़ैर मालूम गहराई तो दरिया पार क्या करना।
2. स्वंय से दूर हो तुम भी, स्वंय से दूर है हम भी,बहुत प्रसिद्ध हो तुम भी, बहुत प्रसिद्ध हो हम भी,बड़े मगरूर हो तुम भी, बड़े मगरूर हो हम भी, अतः मजबूर हो तुम भी, अतः अनुपालन है हम भी।
3. नज़र में शोखिया लब पर मुहब्बत का तराना है,मेरी उम्मीद की जद में अभी सारा जमाना है,कई जीत है दिल के देश पर मालूम है मुझकों, सिकन्दर हूं मुझे इक रोज़ खाली हाथ जाना है।
4. उम्मीदों का फटा पैरहन,रोज़-रोज़ सिलना पड़ता है,तुम से मिलने की कोशिश में, किस-किस से मिलना पड़ता है।
5. बदलने को तो इन आखों के मंजर काम नहीं बदले, तुम्हारी याद के मौसम हमारे ग़म नहीं बदले, तुम अगले जन्म में हम से मिलोगी तब तो मानोगी, ज़माने और सदी की इस बदल में हम नहीं बदले।
6. उसी की तरह मुझे सारा ज़माना चाहे, वो मेरा होने से ज्यादा मुझे पाना चाहे, मेरी पलकों से फिसल जाता है चेहरा तेरा, ये मुसाफिर हो कोई ठिकाना चाहे।
7. घर से निकला हूं तो निकला है घर भी साथ मेरे,देखना ये है कि मंजिल पे कौन पहुँचेगा,मेरी कश्ती में भँवर बाँध के दुनिया ख़ुश है, दुनिया देखेगी कि साहिल पे कौन पहुंचेगा।
8. मेरे जीने मरने में, तुम्हारा नाम आएगा, मैं सांस रोक लू फिर भी, यही इलज़ाम आएगा, हर एक धड़कन में जब तुम हो, तो फिर अपराध क्या मेरा,अगर राधा पुकारेंगी, तो घनश्याम आएगा।
9. यह चादर सुख की मोल क्यू, सदा छोटी बनाता है, सीरा कोई भी थामो, दूसरा खुद छुट जाता है, तुम्हारे साथ था तो मैं, जमाने भर में रुसवा था, मगर अब तुम नहीं हो तो, ज़माना साथ गाता है।
