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Happy Gita Jayanti 2024 Sanskrit Wishes: यदा यदा ही धर्मस्य.. गीता जयंती की सुबह इन 10 संस्कृत श्लोक, Quotes भेज अपनों को दें शुभकामना, कहें शुभ गीता जयंती

Happy Gita Jayanti 2024 Wishes, Images, Quotes, Status, Messages in Sanskrit, गीता जयंती के शुभकामना संदेश संस्कृत में: हिंदू धर्म में गीता जी का सबसे ऊंचा है। मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी का वो दिन है जब भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया था। आज हम इसी दिन को गीता जयंती के रूप में सेलिब्रेट कर रहे हैं। आप इस दिन संस्कृत में अपने दोस्तों को गीता जयंती की बधाई दे सकते हैं।

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Happy Gita Jayanti 2024 Wishes, Images, Quotes, Status, Messages in Sanskrit, गीता जयंती के शुभकामना संदेश संस्कृत में: हिंदू धर्म में हर दिन कोई न कोई त्योहार रहता है। अगर त्योहार न भी हो तो भगवान की पूजा के लिए लोग कोई न कोई बहाना ढूंढ ही लेते हैं और फिर पूजा के दिन को भी त्योहार बना देते हैं। तो बस ऐसा ही खास दिन गीता जयंती का भी है। मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी को भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। इसी दिन को हम गीता जयंती के रूप में मनाते हैं। इस साल ये खास दिन आज यानी 11 दिसंबर को है। तो ऐसे में अगर आप चाहें तो सुबह सुबह आप अपने परिजनों को बधाई संदेश भेज सकते हैं। गुड मॉर्निंग विशेष के साथ गीता जंयती की बधाई पाकर आपके अपने भी खुश हो जाएंगे। ये संदेश अगर संस्कृत में हो तो और भी अच्छा लगता है। यहां देखिए गीता जयंती के शुभकामना संदेश संस्कृत में-

1) अथ चेत्वमिमं धर्म्यं संग्रामं न करिष्यसि।

ततः स्वधर्मं कीर्ति च हित्वा पापमवाप्स्यसि।।

गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।

2) सुखदुखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।

तो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि।।

गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।

3) यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।

अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानम सृज्याहम।।

गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।

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4) जातस्य हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च।

तस्मादपरिहार्येथे न त्वं शोचितुमर्हसि।।

गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।

5) कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।

मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥

गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।

6) नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।

न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः।।

गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।

7) वासांसि जीर्णानि यथा विहाय,

नवानि गृह्णाति नोरोपणानि।

तथा शरीराणि विहाय जीर्णान्य,

न्यानि संयाति नवानि देहि।।

गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।

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8) ततः स्वधर्मं कीर्ति च हित्वा पापमवाप्स्यसि।।

गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।

9) नास्ति बुद्धिरयुक्तस्य न चायुक्तस्य भावना।

न चाभावयत: शांतिरशांतस्य कुत: सुखम्।

गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।

10) दोषैरेतैः कुलघ्नानां वर्णसंकरकारकैः।

उत्साद्यन्ते जातिधर्माः कुलधर्माश्च शाश्वताः

गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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