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चीन बॉर्डर पर मोदी सरकार के प्रोजेक्ट: 6800 किमी. सड़क, 5 सुरंगें, बजट में 400 फीसदी बढ़ोतरी

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Aug 8, 2023, 11:46 AM IST

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चीन की सीमा से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर रणनीतिक बुनियादी ढांचा विकसित करने के प्रोजेक्ट की विस्तार से जानकारी दी।

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Photo : PTI

Infra Push Near China Border: चीन से लगातार खतरे के मद्देनजर मोदी सरकार एलएसी पर कई बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में जुटी है। रणनीतिक तैयारी के तहत यहां बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि चीन की सीमा से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर रणनीतिक बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए सरकार लगातार द्वारा पहल की गई है।

जयशंकर ने की कांग्रेस की आलोचना

एक ब्रीफिंग में जयशंकर ने कांग्रेस की भी आलोचना करते हुए कहा कि जिन लोगों ने इंफ्रास्ट्रक्चर की उपेक्षा की, वे गंभीर आरोप नहीं लगा सकते। उन्होंने कहाकि बॉर्डर इन्फ्रा और कनेक्टिविटी राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हैं। जयशंकर ने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का बॉर्डर इंफ्रा पर जोर 2014 से पहले की पिछली सरकारों की तुलना में बहुत मजबूत है।

मोदी सरकार में क्या-क्या बदलाव आया

  • 2014 में बॉर्डर इन्फ्रा डेवलपमेंट का बजट 3,000 करोड़ रुपये था। जयशंकर ने कहा कि इस साल यह 400 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,387 करोड़ रुपये हो गया है।
  • 2014 में सीमावर्ती इलाकों में 3600 किमी सड़कें बनाई गईं। इस साल 6,800 किमी सड़कें बनाई जा रही हैं।
  • विदेश मंत्री ने कहा कि 9,000 फीट की ऊंचाई पर ओमलिंगला दर्रा दुनिया की सबसे लंबी मोटर योग्य सड़क है।
  • जोजिला पास की पहुंच अब खुली है।
  • 16 दर्रे जो लद्दाख और कश्मीर के मद्देनजर महत्वपूर्ण हैं, कहीं अधिक परिचालन की स्थिति में हैं।
  • पश्चिमी हिस्से में 70 नई सड़कें विकसित की जा रही हैं।
  • लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) सड़क एक चुनौतीपूर्ण कार्य है जिसे बीआरओ द्वारा किया जा रहा है। डीबीओ अतीत में चीनी घुसपैठ का स्थान रहा है और भारतीय वायु सेना के जेट विमानों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) है।
  • सासेरला में एक नई सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
  • विदेश मंत्री ने कहा कि चुसुल से डेमचोक भी एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे।

बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर तीन गुना विकास

जयशंकर ने कहा कि बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर तीन गुना विकास हुआ है। पिछले 3 वर्षों में 5 सुरंगों का निर्माण किया गया है और 10 और पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि अटल सुरंग 9.2 किमी लंबी है जो लाहौल स्पीति को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करती है। शेला सुरंग के जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। दुनिया की सबसे लंबी पिलिंग सुरंग 13,000 निर्माणाधीन है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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